Aligarh Muslim University fee hike issue: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में फीस बढ़ोत्तरी के खिलाफ छात्र कई दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्र फीस में हुए इजाफे को लेकर नाराज है. वहीं इसी बीच प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बदसलूकी करते हुए हिरासत में लिए जाने के बाद मामला और बढ़ गया है. इसके साथ ही यह मामला अब कैंपस से निकलकर राजनीतिक रूप मे आ गया है. AIMIM, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने छात्रों के साथ एकजुटता दिखाते हुए फीस बढ़ोत्तरी के खिलाफ आवाज उठाई है.
कांग्रेस ने किया मार्च
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज यानी कि मंगलवार, 12 अगस्त को AMU सर्कल से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला और कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कलेक्ट्रेट पहुंचने पर उन्होंने कुलपति का पुतला भी जलाया और एसीएस को एक ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस ने ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि 15 अगस्त तक बढ़ी हुई फीस का फैसला वापस लिया जाए.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने लिखा पत्र
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस मुद्दे पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर को पत्र लिखा है. उन्होंने प्रशासन के फैसले को छात्रों पर बेवजह आर्थिक बोझ डालने वाला बताया. उनका कहना है कि छात्रों से सलाह लिए बिना फीस में बढ़ोतरी की गई है, जो कि AMU के मूल उद्देश्य और मिशन को कमजोर करती है.
असदुद्दीन ओवैसी छात्रों के साथ
इस मामले पर असदुद्दीन ओवैसी ने भी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है. ओवैसी ने कहा कि विश्वविद्यालय को अपनी फीस वृद्धि जल्द से जल्द वापस लेनी चाहिए.
In complete solidarity with the students of Aligarh Muslim University. The University must rollback its fees hike at the earliest. Many of AMU’s students come from backward regions & very poor families. A 35%-40% increase in fees is unbearable for them.
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) August 10, 2025
उन्होंने आगे कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कई छात्र पिछड़े इलाकों और बेहद गरीब परिवारों से आते हैं. फीस में 35%-40% की बढ़ोतरी उनके लिए असहनीय है.
सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने भी की मांग
रिपोर्टों के मुताबिक, संभल से सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कुलपति को एक पत्र लिखकर फीस वृद्धि के मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की है. उन्होंने कहा कि छात्रों की फीस में भारी बढ़ोतरी करना और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों पर बल का प्रयोग करना, सर सैयद अहमद खान की किफायती और सुलभ शिक्षा की सोच को ठेस पहुंचाता है.

