Uttarakhand Muslims News: उत्तराखंड में 2023 के बाद से मुसलमानों को निशाना बनाकर लगातार बढ़ रही हिंसा को लेकर एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (Association of Protection of Civil Rights) ने एक फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में पुलिस की निष्क्रियता, कानून का चुनिंदा इस्तेमाल और प्रशासनिक ज्यादतियां शामिल हैं.
इन इलाकों में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा
APCR की रिपोर्ट के अनुसार, मुसलमानों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं उत्तरकाशी, श्रीनगर, गौचर, काशीपुर, हरिद्वार, नैनीताल, देहरादून, उधम सिंह नगर, हल्द्वानी और वन गुर्जरों के इलाकों समेत कई जिलों में दर्ज की गईं. इनमें मुस्लिमों के घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों को ज्यादा निशाना बनाया गया.
इन हिंसाओं में आगजनी, पथराव, तोड़फोड़, बेदखली की धमकियां और जबरन विस्थापन जैसी घटनाएं शामिल थीं. ये घटनाएं अक्सर हिंदुत्व से जुड़ी रैलियों या मुस्लिम धार्मिक पहचान से जुड़ी अफवाहों के बाद हुईं.
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हिंसा नहीं रूकी
एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स रिपोर्ट में ये कहा गया कि कई मामलों में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हिंसा नहीं रोकी जा सकी और FIR दर्ज करने में देरी हुई या उन्हें चुनिंदा तरीके से दर्ज किया गया.
रिपोर्ट में एकतरफा कार्रवाई का दावा
रिपोर्टों के मुताबिक, पीड़ितों का आरोप है कि “कानून-व्यवस्था बनाए रखने” के नाम पर मुस्लिम निवासियों के खिलाफ निवारक धाराओं में कार्रवाई की गई. वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक सभाओं में भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ, वीडियो सबूत होने के बावजूद, कोई खास कानूनी कार्रवाई नहीं की गई.
रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि साम्प्रदायिक तनाव के बाद मुस्लिमों पर निवारक हिरासत और निषेधाज्ञा जैसे आदेश असमान रूप से ज्यादा लगाए गए. वहीं इसके विपरीत हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़ी रैलियों के आयोजकों पर ऐसे प्रतिबंध बहुत कम लगाए गए. रिपोर्ट ने इसे भेदभावपूर्ण पुलिसिंग का पैटर्न बताया है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सामूहिक दंड के तौर पर प्रशासनिक कार्रवाइयों का इस्तेमाल बढ़ा है, जिनमें बिना पूर्व सूचना या सुनवाई के मकान गिराने, संपत्तियां सील करने या बेदखली की धमकियों वाले नोटिस शामिल हैं.
रिपोर्ट में तर्क दिया गया है कि ऐसे कदम संवैधानिक सुरक्षा उपायों को दरकिनार करते हैं और अल्पसंख्यक समुदायों को और हाशिए पर धकेलने में योगदान देते हैं.

