Assam Demolition News: असम सरकार पिछले कुछ समय से गोलपाड़ा जिले में डिमोलिशन अभियान चला रही है. इस डिमोलिशन अभियान में कई हजार परिवार, खासकर बंगाली मूल के मुस्लिम परिवार विस्थापित हो गए हैं. असम की बीजेपी सरकार द्वारा की जा रही है कार्रवाई के बीच जमीयत उलेमा- ए- हिंद के डेलिगेशन ने गोलपाड़ा जिले के प्रभावित इलाकों का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की. इस दौरान जमीयत उलेमा- ए- हिंद ने असम सरकार को ज्ञापन सौंपकर तत्काल पुनर्वास और मुआवजे की मांग की.
विस्थापित परिवारों में से अधिकांश बंगाली मूल के मुस्लिम
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के निर्देश पर एक डेलिगेशन ने असम के गोवालपाड़ा जिले का दौरा किया. यहां राज्य सरकार द्वारा हाल ही में चलाए गए डिमोलिशन अभियान से आसुदुबी और हसिला बिल क्षेत्रों में 3,973 घर उजड़ गए. इन विस्थापित परिवारों में से अधिकांश बंगाली मूल के मुस्लिम लोग हैं.
‘मुल्क के निवासियों को अपने हाथों से उजाड़ा जा रहा है’
जमीयत उलेमा- ए- हिंद के महासचिव हकीमुद्दीन कासमी ने प्रभावित गांवों के दौरे के दौरान कहा कि यहां जो कुछ देख रहे हैं वह बहुत तकलीफदेह है. उन्होंने कहा कि अपने ही मुल्क के निवासियों को अपने हाथों से उजाड़ा जा रहा है.
हकीमुद्दीन कासमी ने आगे कहा कि सरकार पहले इनके रहने का इंतेजाम करे. हाई कोर्ट ने भी इनके रहने के लिए पूरे इंतेजाम का आदेश दिया है. लेकिन यहां आने के बाद पता चला कि यहां सब इसके उल्टा किया जा रहा है.
जमीयत ने विस्थापित परिवारों के लिए उठाया कदम
बता दें कि जमीयत उलेमा- ए- असम ने तत्काल कदम उठाते हुए विस्थापित परिवारों के रहने के लिए टेंट का इंतेजाम किया है. साथ ही प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है.
जमीयत के डेलिगेशन ने जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा को एक ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में डिमोलिशन अभियान को अमानवीय, असंवैधानिक और धार्मिक भेदभाव से प्रेरित बताया गया.
बंगाली मूल के मुस्लिम निवासियों को बनाया गया निशाना
ज्ञापन में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में विशेष रूप से बंगाली मूल के मुस्लिम निवासियों को निशाना बनाकर डिमोलिशन अभियान अभियान चलाया गया. आगे कहा गया कि जबकि अन्य समुदायों को छुआ तक नहीं गया. इससे स्पष्ट होता है कि यह कार्रवाई धार्मिक भेदभाव और पूर्वाग्रह से प्रेरित थी.
पिछले दो सालों में इतने परिवार प्रभावित
बता दें कि जमीयत उलेमा असम के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल और महासचिव हाफिज बशीर अहमद कासमी द्वारा प्रस्तुत एक प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2023 से जुलाई 2025 तक चले डिमोलिशन अभियानों में गोवालपाड़ा, धुबरी और नलबाड़ी जिलों में कुल 8,115 परिवार प्रभावित हुए हैं, जिसमें महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित 32,530 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं. वहीं रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान 21 मस्जिदों, 44 मकतबों/मदरसों और 9 ईदगाहों को ध्वस्त किया गया है.

