Assam News: असम की बीजेपी सरकार ने बुधवार को एक नया फैसला लिया है. इसके तहत अब अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच जमीन के लेन- देन पर पुलिस जांच जरूरी होगी. इस फैसले की घोषणा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने की. वहीं असम सरकार के इस फैसले की काफी अलोचना हो रही है.
जमीन की खरीद से पहले होगी जांच
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य कैबिनेट ने अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच जमीन के सौदों के लिए SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) को मंजूरी दी है. असम जैसे संवेदनशील राज्य में ऐसी जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया को बहुत सावधानी से देखना जरूरी है. अब इस तरह के सभी मामले राज्य सरकार के पास आएंगे, और इन्हें पुलिस की स्पेशल ब्रांच के जरिए जांचा- परखा जाएगा.
पुलिस क्या- क्या जांच करेगी ?
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब पुलिस की स्पेशल ब्रांच जमीन खरीदने वाले व्यक्ति के पैसे के सोर्स की जांच करेगी. यह देखा जाएगा कि यह पैसा इनकम टैक्स रिटर्न में दिखाया गया है या नहीं. इसके अलावा, यह भी जांचा जाएगा कि जमीन की खरीद- फरोख्त से स्थानीय सामाजिक माहौल पर कोई असर तो नहीं पड़ेगा.
इसके साथ ही क्या स्थानीय लोगों को इस सौदे पर आपत्ति है, और अगर है तो उन्हें दूर किया गया या नहीं. वहीं कुछ मामलों में यह भी देखा जाएगा कि इस लेन-देन का राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई असर तो नहीं पड़ता.
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि धार्मिक समुदायों के बीच जमीन के लेन-देन को सावधानीपूर्वक और पारदर्शी तरीके से अंजाम दिया जा सके.
कांग्रेस ने बताया असंवैधानिक
असम की बीजेपी सरकार के इस फैसले का काफी विरोध हो रहा है. असम कांग्रेस के प्रवक्ता अमान वादुद ने इस कदम को “असंवैधानिक” बताया. उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या उनके पास कोई ठोस आंकड़े हैं जो यह साबित करें कि विभिन्न धर्मों के बीच जमीन की बिक्री से सामाजिक ढांचा और राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो रही है.