लेबनान: हिजबुल्लाह और इसराइल के बीच युद्धविराम समझौता हुआ है. इसके बावजूद इसराइल युद्धविराम का उल्लघंन कर रहा है. 27 नवंबर से 22 दिसंबर के बीच इसराइल ने लेबनान पर कई हवाई हमले किए हैं. जिसमें कम से कम 45 लोगों की मौत हो गई है. जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. लेबनानी सेना के एक जराए ने यह जानकारी दी. जराए के मुताबिक इसराइली सेना ने सीमावर्ती कस्बों से 17 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक, युद्धविराम उल्लंघन में पूर्वी और दक्षिणी लेबनान पर हवाई हमले, ड्रोन और हवाई जहाज़ की उड़ानें, तोपखाने की गोलाबारी, मशीन गन की गोलीबारी, घुसपैठ, सड़कों और कृषि क्षेत्रों को नुकसान पहुंचाना, मिट्टी के अवरोध खड़े करना, साथ ही वाहनों को जलाना और कुचलना शामिल हैं.
लेबनानी विदेश मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक, 27 नवंबर से 22 दिसंबर के बीच इसराइल ने लेबनान के खिलाफ 816 से ज्यादा जमीनी और हवाई हमले किए. इसमें सीमावर्ती गांवों पर गोलाबारी, घरों में बम विस्फोट, आवासीय इलाकों को तबाह करना और सड़कों को ब्लॉक करना शामिल है.
इस बीच लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के मीडिया कार्यालय की उप निदेशक कैंडिस अर्डेल ने रविवार को कहा कि इसराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने उनके बलों को सूचित किया कि तैबेह के आसपास के क्षेत्र में शांति सैनिकों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती है, और गश्ती दल को इस क्षेत्र से बचना चाहिए.
अर्डेल ने जोर देकर कहा, “शांति सैनिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम उन्हें गैर जरूरी जोखिम में नहीं डालेंगे.” उन्होंने कहा, “हम आईडीएफ को ‘संकल्प 1701’ के तहत शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, दक्षिणी लेबनान में यूएनआईएफआईएल संचालन क्षेत्र में शांति सैनिकों की आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के उनके दायित्वों की याद दिलाते हैं.”
अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता से 27 नवंबर को युद्ध विराम लागू हुआ, जिसका उद्देश्य इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लगभग 14 महीने से चल रही लड़ाई को रोकना है. युद्ध विराम समझौते की शर्तों में 60 दिनों के भीतर लेबनानी क्षेत्र से इसराइल की वापसी, लेबनानी सेना को लेबनान-इसराइल सीमा और दक्षिण में तैनात करना शामिल है. युद्धविराम समझौते के बावजूद इसराइली सेना ने लेबनान में हमले जारी रखे हैं, हालांकि उनकी तीव्रता काफी कम हो गई है.

