Homeदेश'JNU को भगवाकरण करने की कोशिश..' वेज और नॉनवेज विवाद पर बोली...

‘JNU को भगवाकरण करने की कोशिश..’ वेज और नॉनवेज विवाद पर बोली JNUSU की महासचिव मुन्तहा फातिमा

JNUSU के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि जिस प्रकार से बीजेपी पूरे देश में वेज और नॉनवेज को लेकर राजनीति करती है. वैसे ही JNU में भी हो रहा है.

JNU Veg and non veg controversy: देश के प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) हमेशा किसी न किसी विवादों के कारण चर्चा में बना रहता है. इस बार JNU वेज और नॉनवेज खाने को लेकर विवाद हो गया है. जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन ने आरोप लगाया है कि माही- मांडवी हॉस्टल में शाकाहारी और मांसाहारी खाना खाने के लिए अलग-अलग टेबलें लगा दी गई है.

JNUSU के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने क्या कहा?

JNUSU के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि जिस प्रकार से बीजेपी पूरे देश में वेज और नॉनवेज को लेकर राजनीति करती है. वैसे ही JNU में भी हो रहा है. यहां माही- मांडवी हॉस्टल में चोरी-छिपे एक नोटिस जारी किया जाता है, जिसमें ये लिखा होता है कि वेज की टेबल अलग होगी और नॉन वेज की अलग होगी. इस मामले पर जब हम विरोध प्रदर्शन करते हैं और वॉर्डन से कहते हैं तो वो कहते हैं कि उनकी अनुमति के बिना ही यह काम किया गया है. इसके बाद वह नोटिस को हटा देते हैं.

यूनियन ने कहा कि जेएनयू में “फूड पुलिसिंग” का कोई इतिहास नहीं रहा और यह कदम छात्रों को बांटने की साजिश है. छात्रों के विरोध के बाद नोटिस को वापस ले लिया गया और सीनियर वार्डन ने जांच का वादा किया है.

‘JNU को भगवाकरण करने की कोशिश’

वहीं JNUSU की महासचिव मुन्तेहा फातिमा ने वेज और नॉनवेज विवाद पर कहा कि यह जेएनयू की समावेशी संस्कृति पर हमला है. सीनियर वार्डन ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप किया और एक जांच समिति का आश्वासन दिया जो देखेगी कि यह किसने किया है. फातिमा ने आगे कहा कि जेएनयू की एक विरासत है. एबीवीपी परिसर का भगवाकरण करने की कोशिश कर रहा है.

ABVP ने क्या कहा?

JNUSU की ओर से कहा गया है कि माही- मांडवी हॉस्टल के प्रेसिडेंट अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ता है इसलिए ऐसा किया गया है. हालांकि एबीवीपी ने इससे साफ इनकार किया है. ABVP कार्यकर्ता और JNUSU के जॉइंट सेक्रेटरी वैभव मीणा का कहना है कि लेफ्ट विंग्स वाले इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं. सिटिंग अरेंजमेंट नहीं बदला गया है, बल्कि कुछ शाकाहारी स्टूडेंट्स, एक ही टेबल पर नॉन वेज वालों के साथ खाने से असहज थे. इसलिए उन्होंने तय किया कि अलग अलग साइड बैठ जाते हैं.

spot_img
1,716FansLike
6,134FollowersFollow
118FollowersFollow
20,300SubscribersSubscribe