Bangladesh News: बांग्लादेश में इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार की वजह से तनाव की स्थिति बनी हुई है. इसी बीच बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया (Khaleda Zia) के सबसे बड़े बेटे तारिक रहमान (Tarique Rahman) लगभग 17 साल बाद वापस देश लौटे. रहमान और उनके परिवार का ढाका एयरपोर्ट पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के हजारों समर्थकों ने प्लेकार्ड और बैनर लेकर स्वागत किया. रहमान कुल 6314 दिनों के निर्वासन के बाद अपने वतन बांग्लादेश लौटे हैं. अगले साल फरवरी में होने वाले चुनाव के मद्देनजर रहमान की वापसी से कई राजनीति कयास लगाए जा रहे हैं.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने तारिक रहमान के बांग्लादेश लौटने की खुशी में बनानी एयरपोर्ट रोड से होते हुए ढाका एयरपोर्ट तक पैदल मार्च किया.
#WATCH | Dhaka | BNP (Bangladesh Nationalist Party) supporters march to the Dhaka Airport, where the party’s acting chairman Tarique Rahman will soon arrive. He is returning to Bangladesh after living in London in exile for 17 years. pic.twitter.com/nWBgTXJA4k
— ANI (@ANI) December 25, 2025
लाखों समर्थक स्वागत में पहुंचे
रिपोर्टों के मुताबिक, तारिक रहमान ने एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही वो नंगे पांव बाहर आए और वतन की मिट्टी को छुआ. रहमान के स्वागत में लाखों की संख्या में समर्थक पहुंचे थे. रहमान ने इसके बाद देश की जनता को संबोधित किया.
Tarique Rahman touching the soil of the country with bare feet.@bdbnp78 pic.twitter.com/BAKRZ4Wrmg
— BD Force🇧🇩 (@BDF0RCE) December 25, 2025
वतन वापसी पर तारिक रहमान ने क्या कहा?
तारीक रहमान ने लाखों की संख्या में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हम देश में शांति कायम करेंगे. नया बांग्लादेश बनाएंगे. इस दौरान उन्होंने लूर्व प्रशानमंत्री शेख हसीना को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा.
क्यों छोड़ा था बांग्लादेश?
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 2008 से लंदन में रह रहे हैं. उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग और हसीना की हत्या की साजिश से जुड़े एक मामले सहित कई आपराधिक मामलों में दोषी ठहराया गया था. हालांकि, शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया गया, जिससे उनके देश लौटने में देरी करने वाली कानूनी बाधाएं खत्म हो गईं.
बता दें कि 2008 से लेकर 2025 के अंत तक रहमान लंदन में स्वैच्छिक निर्वासन में रहे. कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्होंने 2008 में बांग्लादेश छोड़ दिया था. दिसंबर 2009 में ढाका में आयोजित बीएनपी की 5वीं राष्ट्रीय परिषद में उन्हें पार्टी का सीनियर वाइस चेयरमैन चुना गया, जिसके बाद उन्होंने विदेश से ही पार्टी का नेतृत्व किया.
साल 2015 में, तारिक ने व्हाइट एंड ब्लू कंसल्टेंट्स लिमिटेड नाम की एक प्राइवेट PR और कम्युनिकेशन फर्म रजिस्टर की. UK कंपनीज हाउस में दाखिल किए गए इनकॉर्पोरेशन के दस्तावेजों में उन्होंने अपनी नागरिकता ब्रिटिश बताई थी. हालांकि, 2016 में उन्होंने कागजात में बदलाव किया और अपनी नागरिकता बांग्लादेशी घोषित की.

