Madhubani Moblynching News: देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत और हिंसा आम बात हो गई है. कभी किसी मुसलमान को उसके धार्मिक आधार पर, कभी बांग्लादेशी, तो कभी बेबुनियाद आरोप लगाकर पीटा जाता है. पिछले साल दिसबंर में बिहार और ओडिशा से दो मुसलामानों की लिंचिंग की घटनाएं सामने आई थी. ऐसा ही एक मामला बिहार के मधुबनी से सामने आया है, जहां हिंदूवादी संगठन ने मुस्लिम युवक को बांग्लादेशी बताकर बेरहमी से पीटा. आईए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है..
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला बिहार के मधुबनी जिले का है. सुपौल के रहने वाले मोहम्मद मुर्शिद (Mohammed Murshid) मजदूरी के सिलसिले में मधुबनी आए थे. यहीं हिंदूवादी भीड़ ने बांग्लादेशी होने के आरोप में मुर्शिद को घेरकर बेरहमी से पीटा.
भीड़ ने मुस्लिम मजदूर को दौड़ा- दौड़ाकर पीटा
रिपोर्टों के अनुसार, पीड़ित मुर्शिद ने बताया कि वो कुछ सामान लेने के लिए बाहर निकले थे. इसी दौरान कुछ लोगों की भीड़ वहां पहुंची और उन्हें घेर लिया. इसके बाद भीड़ ने खुर्शीद आलम को बांग्लादेशी बताकर बुरी तरीके से पीटा. जानकारी के मुताबिक, भीड़ ने उन्हें लगभग तीन किलोमीटर तक दौड़ा- दौड़ा कर पीटा, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
रिपोर्टों के मुताबिक, खुर्शीद आलम सुपौल जिले के वीरपुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव, शंकरपुर वार्ड संख्या 14 के रहने वाले हैं.
बीते दिनों नवादा में मुस्लिम व्यापारी की हुई थी लिंचिंग
बता दें कि लगभग एक महीनें पहले बिहार के नवादा जिले में कपड़ा व्यापारी अतहर हुसैन की मॉब लिंचिंग की गई थी, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था.
अतहर हुसैन डुमरी गांव से लौट रहे थे, तभी भट्टा गांव के पास नशे की हालत में मौजूद 6 से 7 युवकों ने उन्हें रोक लिया. आरोपियों ने उनसे नाम पूछा और जैसे ही उन्होंने अपना नाम “मोहम्मद अतहर हुसैन” बताया, भीड़ ने उन पर हमला कर दिया था.

