Mamata Banerjee on BJP: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाली भाषी लोगों को निशाना बनाकर की जा रही कार्रवाई पर बीजेपी पर हमला बोला है. ममता बनर्जी ने दिल्ली में एक बंगाली भाषी परिवार को पुलिस द्वारा पीटे जाने पर बीजेपी की कड़ी अलोचना की है.
ममता बनर्जी ने बंगाली भाषी परिवार का वीडियो शेयर किया, जिसमें आरोप लगया गया है कि दिल्ली पुलिस ने एक छोटे से बच्चे समेत परिवार के लोगों को बेरहमी से पीटा है.
ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस पर लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि देखिए कैसे दिल्ली पुलिस ने मालदा के चंचल से आए एक प्रवासी परिवार के एक बच्चे और उसकी मां को बेरहमी से पीटा है.
बीजेपी ने भाषाई आतंक फैलाया
उन्होंने आगे कहा कि बंगालियों के खिलाफ देश में बीजेपी द्वारा फैलाए गए भाषाई आतंक में एक बच्चा भी हिंसा से नहीं बच पा रहा है. बीजेपी हमारे देश को कहां ले रही है.
Atrocious!! Terrible!!
See how Delhi police brutally beat up a kid and his mother, members of a migrant family from Malda’s Chanchal.
See how even a child is not spared from the cruelty of violence in the regime of linguistic terror unleashed by BJP in the country against the… pic.twitter.com/IwAXkQwy9V
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) July 27, 2025
बता दें कि हाल के दिनों में देश में बंगाली भाषी लोगों को अवैध बांग्लादेशी बातकर हिरासत में लिया जा रहा है. पुलिस उनके साथ बेरहमी से मारपीट भी कर रही है.
ममता बनर्जी लगातार उठा रही है आवाज
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लगातार इस मामले पर बोल रही है. उन्होंने कहा कि ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने भी विभिन्न राज्यों में बीजेपी सरकारों द्वारा भारत के बंगाली भाषी लोगों के उत्पीड़न और अवैध निर्वासन के मुद्दे को उजागर किया है.
HRW ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा है ?
ह्यूमन राइट्स वॉच ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारतीय अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में सैकड़ों बंगाली मुसलमानों को बिना किसी उचित प्रक्रिया के बांग्लादेश भेज दिया और दावा किया कि वे “अवैध प्रवासी” हैं. जबकि इनमें से कई बांग्लादेश की सीमा से लगे राज्यों के भारतीय नागरिक हैं.
ह्यूमन राइट्स वॉच की एशिया निदेशक एलेन पियर्सन ने कहा कि बीजेपी सरकार बंगाली मुसलमानों को मनमाने ढंग से देश से निकाल कर भेदभाव को बढ़ावा दे रही है, जबकि उनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.

