बुल्ली बाई ऐप मामले में मुख्य आरोपी असम से गिरफ्तार, पूछताछ जारी, बुल्ली बाई क्या है? विस्तार से जानें

एक महिला पत्रकार की तस्वीर बुल्ली बाई ऐप पर लगाने वाले मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने मुख्य साजिशकर्ता को असम से गिरफ्तार कर लिया है. ट्विटर अकाउंट पर बुल्ली बाई और गेटहब पर बुल्ली बाई के नाम से अकाउंट बनाने वाले मुख्य आरोपी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने असम से गिरफ्तार कर लिया है. उसकी पहचान नीरज के रूप में की गई है. उसे पुलिस टीम दिल्ली लेकर आ रही है जहां उसकी पेशी अदालत के समक्ष की जाएगी.

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले ट्विटर अकाउंट पर बुल्ली बाई नाम से एक हैंडल बना था. इसके अलावा गेटहब पर भी बुल्ली बाई के नाम से अकाउंट बनाकर वहां एक महिला पत्रकार की तस्वीर डाली गई थी. इसे लेकर दक्षिण पूर्वी जिले में मामला दर्ज किया गया था और पूरे मामले की छानबीन साइबर सेल द्वारा की जा रही थी. इस मामले की छानबीन के दौरान दिल्ली पुलिस को पता चला कि इसके पीछे मुख्य साजिशकर्ता नीरज है. इस जानकारी पर पुलिस टीम ने असम से उसे गिरफ्तार कर लिया है.

आरोप है कि मुस्लिम महिलाओं को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है. हाल के दिनों में ही Bulli Bai के नाम से एक ऐप बनाकर मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने का काम किया गया है. कुछ महीने पहले भी इसी तरह के ऐप बनाकर अभद्रता की गई थी.

Bulli Bai नाम के इस ऐप की जानकारी चंद दिनों पहले ही सामने आई थी . उसके बाद से तमाम राजनीतिक पार्टियां इस पर अपना विरोध जता रही हैं.

वहीं, सरकार की तरफ से इसे बंद करने की बात कही गई है और पुलिस की तरफ से जांच करने की भी बात कही गई है, सोशल मीडिया पर इस तरह से किसी भी महिला का अपमान बेहद गलत है. फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर देश में तमाम विरोधी पार्टियां भारत सरकार को घेरने में जुटी हैं.

Bulli Bai क्या है ?

Bulli Bai एक सोशल मीडिया ऐप का नाम है. जिसका इस्तेमाल मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के लिए किया जा रहा है. दरअसल, इस ऐप पर ट्विटर से लेकर दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से महिलाओं की तस्वीरें ली जाती हैं. साथ में उनका प्रोफाइल और उनसे जुड़ी जानकारियां भी दी जाती हैं. इसके बाद इन महिलाओं के लिए अभद्र टिप्पणी करते हुए इनकी ऑनलाइन बोली लगाई जाती है. Bulli Bai App पर महिलाओं की तस्वीरें फैलाई जाती है और फिर उस पर बोली लगाने के लिए कहा जाता है.

इस ऐप को खोलने पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें दिखाई जाती हैं. साथ में उनसे जुड़ी जानकारियां भी शेयर की जाती हैं. इसके बाद इन महिलाओं की तस्वीरों पर भद्दे कमेंट करने के साथ इसकी बोली लगाई जाती है. फिर इसे #BulliBai के साथ ट्रेंड किया जाता है. Bulli Bai ऐप से जुड़े शातिर अपराधी इंटरनेट से लोकप्रिय महिला सेलेब्रिटी, महिला पत्रकार आदि की तस्वीरें लेते हैं. ये साइबर अपराधी सोशल मीडिया अकाउंट से इन महिलाओं की तस्वीरें चुराते हैं और उन्हें इन महिलाओं की पर्सनल डिटेल ऐप पर डाल देते हैं. ट्विटर पर बुल्ली बाई ऐप से कई पोस्ट शेयर होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा. जिसके बाद सरकार की तरफ से सोशल मीडिया प्लेफॉर्म को ऐसे अपमानजनक पोस्ट को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं. Github पर मिलने वाला ये एप अब सब जगह से हटा दिया गया है.

Github क्या है ?

(What is Github) ये एक ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म है. Sulli Deals और Bulli Bai दोनों ही ऐप को गिटहब पर बनाया गया था. ये एक होस्टिंग प्लेटफॉर्म है, ये सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और कोडिंग करने वालों के लिए है. ये एक तरह की ओपन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट साइट है यानी ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां आप कोई ऐप बना सकते हैं और उसे साझा भी कर सकते हैं.

क्या था Sulli Deals ?

सुल्ली महिलाओं के खिलाफ इस्तेमाल किये जाने वाला अपमानजनक शब्द है. इसे भी अज्ञात ग्रुप ने गिटहब पर ही बनाया था. इस ऐप के जरिये भी मुस्लिम महिलाओं को टारगेट किया जाता था और Bulli Bai App की तरह ही महिलाओं की तस्वीरें और प्रोफाइल को पोस्ट करके उनकी ऑनलाइन नीलामी की जाती थी. जुलाई 2021 में ट्विटर पर सुल्ली डील्स के नाम से कई स्क्रीनशॉट शेयर हुए. यहां भी महिलाओं की तस्वीरें सोशल मीडिया से ही ली गई थीं. इस ऐप में ‘सुल्ली डील ऑफ द डे’ (Sulli Deal of the day) की टैगलाइन के साथ महिलाओं की तस्वीरों के साथ शेयर की जाती थी.

इस मामले में अभी क्या हो रहा है ?

Bulli Bai ऐप पर कई महिलाओं के सोशल मीडिया से ली गई तस्वीरों पर गंदे कमेंटस के साथ बोली लगाने की तस्वीरें ट्वीटर पर पहुंची तो मामले ने तूल पकड़ लिया. Github से लेकर Bulli Bai और Sulli deals जैसे ऐप बनाने वालों के खिलाफ लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूट पड़ा. शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट किया और इस पर सरकार को घेरते हुए केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को चिट्ठी लिखी. मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने इस मामले में FIR दर्ज की.

पुलिस ने इस मामले में इजीनियरिंग के एक छात्र को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था. इसके अलावा मुंबई पुलिस की टीम जांच करते हुए उत्तराखंड पहुंची और मंगलवार 4 जनवरी को एक 18 साल की युवती और बुधवार 5 जनवरी को एक 21 साल के कॉलेज छात्र को गिरफ्तार किया है.

गीतकार जावेद अख्तर ने पीएम पर उठाए सवाल

बुल्ली बाई ऐप मामले में जावेद अख्तर ने पीएम पर उठाए सवाल, कहा- उनकी चुप्पी से हैरान हूं.

अख्तर ने अपने ट्वीट में कहा कि वह इन मुद्दों पर ‘चुप्पी’ को लेकर हैरान हैं.

76 वर्षीय गीतकार ने ट्वीट किया, ‘सैकड़ों महिलाओं की ऑनलाइन नीलामी हो रही है. तथा-कथित धर्म संसद का आयोजन किया जा रहा है, सेना, पुलिस और जनता को 20 करोड़ हिन्दुस्तानियों का संहार करने को कहा जा रहा है. इन मुद्दों पर मैं खुद की और खास तौर से प्रधानमंत्री सहित सभी की चुप्पी से हैरान हूं. क्या यही है सबका साथ?’

वहीं, एक दूसरे ट्वीट में गीतकार जावेद अख्तर ने इस बार बुल्ली बाई ऐप मामले में गिरफ्तार युवती के लिए भावुक होते दिखे. जावेद अख्तार ने कहा कि उत्तराखंड से गिरफ्तार 18 साल की युवती को माफ कर दिया जाए.

जावेद अख्तर ने ट्वीट किया कि अगर “बुल्ली बाई” ऐप (Bulli Bai App) की मास्टरमाइंड 18 साल की युवती है, जिसने हाल ही में अपने माता-पिता को कैंसर और कोरोना से खो दिया है, तो मुझे लगता है कि कुछ महिलाएं या उनमें से कुछ लोगों को उससे मिलकर बड़ों की तरह उसे समझाना चाहिए कि उसने जो कुछ भी किया वह गलत था. उसके प्रति दयाभाव दिखाते हुए उसे माफ कर देना चाहिए.

गीतकार जावेद अख्तर के पुत्र, अभिनेता-निर्देशक फरहान अख्तर ने भी शनिवार को महिलाओं की नीलामी की घटना सामने आने पर इसकी आलोचना की.

फरहान ने रविवार को ट्वीट किया, ‘यह बीमार कर देने वाला है. इस घटिया काम के पीछे जिनका हाथ है, उनके खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई के लिए पुलिस से अनुरोध करता हूं.’

स्वरा भास्कर, रिचा चड्ढा, श्रुति सेठ और पटकथा लेखक वरुण ग्रोवर ने भी इस घटना की कटु आलोचना करते हुए इसे ‘घिनौना’ बताया है.

ग्रोवर ने कहा कि देश में मुस्लिम महिलाओं को संगठित तरीके से और जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘आज हम जो देख रहे हैं उसके लिए इस्लामोफोबिया सही शब्द नहीं है. अतर्कसंगत होने के बावजूद फोबिया में तब भी संदेह, बाहरी हस्तक्षेप और सुधार होने की संभावना आदि होती है.’

वहीं यह मामला सामने आने के बाद जमात-ए-इस्लामी हिंद की महिला विंग ने मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाने के लिए बुल्ली बाई ऐप की कड़ी निंदा की है और इसके खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाई की मांग गई है।

इसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए, जेआईएच महिला विंग की सचिव श्रीमती रहमतुन्निसा ने कहा, “यह समाज के एक वर्ग को भड़काने के लिए नफरत फैलाने वालों की साजिश हो सकती है। इसलिए, हमें उनके जाल में नहीं फंसना चाहिए, बल्कि धैर्य, हिम्मत और कानूनी साधनों से लड़ना चाहिए।

मीडिया को दिए एक बयान में, जेआईएच महिला विंग सचिव ने कहा: “हम भारत की बेटियों को बदनाम करने और अपमान करने के इस तरह के सांप्रदायिक, स्त्री विरोधी और इस्लामोफोबिक प्रयास के लिए जिम्मेदार लोगों की निंदा करते हैं। यह उनकी गरिमा और निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है, और अपराधियों पर मामला दर्ज किया जाना चाहिए और उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

वहीं दूसरी तरफ बुल्ली बाई ऐप मामले में डीसीडब्ल्यू ने साइबर अपराध सेल, दिल्ली पुलिस को तलब कर दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की थी.

महिला और ट्रांसजेंडर संगठन संयुक्त कार्रवाई समिति (डब्ल्यूटीओजेएसी) की तरफ से अध्यक्ष
तेलंगाना राज्य महिला आयोग को खत लिखकर बुल्ली बाई ऐप के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की अपील की गई है.

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