Chhattisgarh News: इस महीने के शुरुआत में छत्तीसगढ़ पुलिस ने पश्चिम बंगाल से काम करने आए 23 मजदूरों को बांग्लादेशी बताते हुए गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन दस्तावेजों की जांच के बाद 23 में से 19 मजदूरों को रिहा करना पड़ा, क्योंकि वे बांग्लादेशी नागरिक नहीं बल्कि भारतीय नागरिक हैं. दीगर 4 मजूरों के दस्तावेजों की जांच अभी चल रही है. हिरासत में लिए गए 23 लोगों में से 22 मुस्लिम और एक हिंदू था.
दरअसल, इस महीने की शुरुआत में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा कथित अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ जांच अभियान चलाया गया. इस अभियान के तहत बिलासपुर में पुलिस ने 23 मजदूरों को बांग्लादेशी होने के संदेह में हिरासत में लिया. पुलिस ने इस मामले पर एक बयान में कहा था कि जांच में यह सत्यापित हो गया है कि हिरासत में लिए गए 23 मजदूर बांग्लादेशी नागरिक हैं. वहीं, हिरासत में लिए गए मजदूरों के परिवार वालों ने बताया कि वे बांग्लादेशी नहीं हैं, बल्कि पश्चिम बंगाल के मुरशिदाबाद मालदा और जंगीपुर के रहने वाले हैं. उनके परिवारों का कहना था कि वे भारतीय नागरिक हैं और उनके पास मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज हैं.
इस मामले में स्थानीय सिविल कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को इनमें से 19 मजदूरों को रिहा कर दिया गया. रिहाई की पुष्टि करते हुए बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने कहा कि उन्हें ‘सत्यापन के बाद’ रिहा किया गया है. सिंह ने अख़बार से कहा, ‘बाकी चार के संबंध में आगे की कार्रवाई हमें मिलने वाली रिपोर्ट पर निर्भर करेगी.
