Congress taunts Modi government Over China claimed Shaksgam Valley: चीन ने एक बार फिर से जम्मू और कश्मीर में शक्सगाम घाटी पर दावा करते हुए कहा कि यह इलाका चीन का है. इसके साथ ही चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने जम्मू और कश्मीर में शक्सगाम घाटी पर भारत के दावे को भी खारिज कर दिया. चीन द्वारा कश्मीर की शक्सगाम घाटी को अपना हिस्सा बताने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है.
कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार की विदेश नीति वेंटिलेटर पर
कांग्रेस ने चीन के किए दावे के बाद मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है. कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति वेंटिलेटर पर पड़ी है. अब चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को अपना बताया है. चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा- शक्सगाम घाटी चीन का इलाका है, यहां बुनियादी ढांचा बनाना गलत नहीं है. कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी जी ‘लाल आंख’ का क्या हुआ?
मोदी सरकार की विदेश नीति वेंटिलेटर पर पड़ी है.
अब चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को अपना बताया है.
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा- शक्सगाम घाटी चीन का इलाका है, यहां बुनियादी ढांचा बनाना गलत नहीं है.
मोदी जी ‘लाल आंख’ का क्या हुआ? pic.twitter.com/EGxuzzPjfG
— Congress (@INCIndia) January 13, 2026
‘चीन यहां तक कैसे घुस गया?’
वहीं कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि चीन ने जम्मू कश्मीर की शकसगाम वैली को अपना इलाका कहा है. पिछले कई दिनों से CPEC के नाम पर चीन यहां कंस्ट्रक्शन कर रहा है. लद्दाख के बाद अब चीन यहां तक कैसे घुस गया?
कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि चीन इतनी हिमाकत जैसे कर रहा है? उन्होंने आगे कहा कि उधर BJP नेताओं की चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मीटिंग हो रही हैं.
चीन ने शक्सगाम घाटी को बताया अपना हिस्सा
बता दें कि चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोमवार, 12 दिसंबर को सीमा विवाद और चीन- पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के बारे में पूछे जाने पर कहा कि जिस इलाके (शक्सगाम घाटी) का आपने जिक्र किया, वह चीन का है. चीन के लिए अपने इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना पूरी तरह से जायज है.
चीनी प्रवक्ता माओ निंग ने आगे कहा कि चीन और पाकिस्तान ने 1960 के दशक में एक सीमा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और दोनों देशों के बीच सीमा तय की थी. उन्होंने कहा कि यह समझौता दो संप्रभु देशों के अधिकारों के तहत किया गया था.

