नई दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने आवास पर करीब 14 घंटे की सीबीआई छापेमारी के बाद मीडिया को बताया कि सीबीआई टीम का व्यवहार अच्छा था लेकिन उन्होंने मेरा कंप्यूटर, मोबाइल फोन और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिया है.
सिसोदिया ने कहा, ‘उनका (सीबीआई) व्यवहार अच्छा था. उन्होंने मुझे अभी तक किसी जांच के लिए नहीं बुलाया है. उन्होंने मेरा कंप्यूटर और निजी फोन जब्त कर लिया है. उन्होंने कुछ फाइलें भी ले ली हैं.’
उन्होंने कहा, ‘मैंने और मेरे परिवार ने जांच एजेंसी का समर्थन किया है. हमने कोई गलत काम नहीं किया है और कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है. इसलिए हम किसी चीज से नहीं डरते.’
उन्होंने दावा किया कि सीबीआई को शीर्ष स्तर (केंद्र सरकार) से आदेश दिया जा रहा है और इसका दुरुपयोग किया जा रहा है.
आवाज़ द वॉयस की खबर के मुताबिक, सिसोदिया ने कहा, ‘सब जानते हैं कि कैसे सीबीआई के इस्तेमाल से दिल्ली सरकार के अच्छे कामों को रोका जा रहा है. लेकिन अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य मुहैया कराने का काम चलता रहेगा, दिल्ली सरकार नहीं रुकेगी.’
CBI को ऊपर से कंट्रोल करके दिल्ली सरकार के अच्छे काम को रोकने की कोशिश की जा रही है। हम ईमानदार लोग हैं, हमने कहीं कुछ गलत काम नहीं किया है। केंद्र सरकार जितना CBI का दुरुपयोग करना चाहें कर लें क्योंकि हमने कोई गलत काम नहीं किया है: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 19, 2022
सीबीआई ने शुक्रवार को नए आबकारी नीति मामले में अनियमितताओं के संबंध में सिसोदिया के आवास और राष्ट्रीय राजधानी में 22 अन्य स्थानों पर लगभग 14 घंटे की तलाशी ली.
दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने 22 जुलाई को अरविंद केजरीवाल सरकार की आबकारी नीति 2021-22 की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.

