नई दिल्ली: 15 अगस्त 1947 को भारत अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों को तोड़कर आजाद हुआ. उस स्वतंत्रता के लिए लाखों-करोड़ों लोगों ने अपना बलिदान दिया. आज साल 2022 में जब देश स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है तो लोगों के मन में एक कन्फ्यूजन भी है. यह कन्फ्यूजन है इस बात को लेकर कि आखिर यह कौन सा स्वतंत्रता दिवस है, 75वां या 76वां?
हिन्दुस्तान न्यूज़ की खबर के अनुसार, दरअसल इस तरह का कन्फ्यूजन सामान्य तौर पर होता नहीं है लेकिन चूंकि देश में स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने पर कई कार्यक्रम हो रहे हैं और 75वीं वर्षगांठ की चर्चा भी हो रही है, इसलिए यह कन्फ्यूजन खड़ा हो गया है. आपके इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए हम आपको विस्तार से जानकारी दे रहे हैं.
ऐसे समझें पूरा गणित
देश ने 15 अगस्त 1947 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया, यानी 15 अगस्त 1948 को जब आजादी का एक साल पूरा हुआ, तब देश ने दूसरा स्वतंत्रता दिवस मनाया. इसी तरह से 1956 में 10वां, 1966 में 20वां, 1996 में 50वां, 2016 में 70वां और 2021 में 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाया. इस लिहाज से 2022 में देश अपना 76वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है.
भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सवश् के तहत शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान 15 अगस्त तक था.
केंद्र सरकार ने भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए लोगों से 13 से 15 अगस्त तक अपने घरों में तिरंगा फहराने या प्रदर्शित करने का आग्रह किया था.
एक नागरिक, एक निजी संगठन या एक शैक्षणिक संस्थान सभी दिनों और अवसरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है या प्रदर्शित कर सकता है. ध्वज प्रदर्शन के समय पर कोई प्रतिबंध नहीं है.
सरकार ने भारतीय ध्वज संहिता में संशोधन किया है ताकि तिरंगे को खुले में और अलग-अलग घरों या इमारतों में दिन-रात प्रदर्शित किया जा सके. भारतीय ध्वज संहिता को पहले पिछले साल दिसंबर में संशोधित किया गया था.
जिसमें कपास, ऊन, रेशम और खादी के अलावा हाथ से काते, हाथ से बुने हुए और मशीन से बने झंडे बनाने के लिए पॉलिएस्टर के उपयोग की अनुमति दी गई थी.
बता दें कि भारत में 76वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया. शहर से गांव तक लोग देश की आजादी के जश्न में डूबे रहे.

