दिल्ली के सरकारी स्कूलों को मिला 12 हजार नए स्मार्ट क्लासरूम का तोहफा, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने किया उद्घाटन

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के 240 स्कूलों में बने 12 हजार 430 नए क्लासरूम का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली में शिक्षा क्रांति हो रही है. उन्होंने कहा कि देश 75 वर्ष खो चुका है. अगर कोई भी सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करना चाहती है तो हम दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को उन्हें कुछ दिनों के लिए लोन पर दे देंगे. हमारा मकसद चुनाव लड़ना नहीं हमारा मकसद देश आगे बढ़ना चाहिए. इसके अलावा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सभी भ्रष्टाचारी मिलकर मुझे आतंकवादी बोल रहे हैं. वह जिसे आतंकवादी कहते हैं उसने आज 12 हजार 430 स्मार्ट क्लासरूम देश को समर्पित किया है.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सात साल में दिल्ली सरकार ने 20 हजार नए क्लासरूम बनाए हैं. देश की केंद्र और राज्य सरकार को मिलाकर भी किसी ने 20 हजार नए क्लासरूम नहीं बनाए हैं. बाबासाहेब आंबेडकर का सपना था कि हर बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिले, चाहे वह गरीब या अमीर का बच्चा ही क्यों न हो. लेकिन दुर्भाग्यवश आजादी के 75 वर्ष बीत गए, बाबा साहब का यह सपना पूरा नहीं हुआ है. मुझे यह खुशी है कि आजादी के 75 वर्ष पूरा होने के बाद बाबा साहब का यह सपना कम से कम दिल्ली में पूरा होना शुरू हो गया है.

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर 75 साल पहले देश में इतनी अच्छी शिक्षा की व्यवस्था हो जाती तो देश में गरीबी दूर हो जाती और लोग अनपढ़ नहीं रहते. हमारा 75 वर्ष खराब हो गया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर देश की कोई भी सरकार वह चाहे बीजेपी, कांग्रेस या किसी भी पार्टी की हो अपने राज्य में दिल्ली की तरह ही शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करना चाहती है तो हम शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को कुछ दिनों के लिए लोन पर दे देंगे. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा मकसद है यह नहीं कि हम चुनाव लड़ें, हमारा मकसद है कि देश आगे बढ़ना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने कहा कि देश से भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए. देश में सभी को अच्छी शिक्षा और अच्छे अस्पताल मिलना चाहिए यही हमारा मकसद है.

दिल्ली के सीएम ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से देश के कई बड़े-बड़े नेता मुझे आतंकवादी कह रहे हैं. इन बयानों पर मुझे थोड़ी हंसी भी आई, उन सभी को मैं यह कहना चाहता हूं कि जिसे आप आतंकवादी कह रहे हैं आज वही आतंकवादी देश को 12 हजार 430 नए क्लासरूम समर्पित कर रहा है. उन्होंने कहा कि अगर देश में शानदार स्कूल बन जाएंगे तो नेताओं के जात, पात और धर्म के नाम पर मिलने वाला वोट खत्म हो जाएगा. इन स्कूलों से कट्टर देशभक्त बनकर तैयार होंगे. साथ ही कहा कि जब यह बच्चे आने वाले सालों में वोट देने योग बनेंगे तो यह धर्म के आधार पर वोट नहीं देंगे बल्कि देश के विकास के नाम पर वोट देंगे. इसी के चलते कोई भी नेता बेहतर स्कूल नहीं बनाना चाहता है.

उन्होंने कहा कि सभी आरोप लगा रहे हैं कि दिल्ली में सब कुछ फ्री है, तो अगर सभी को निशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था मिल रही है तो इससे बड़ी देशभक्ति क्या हो सकती है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगत सिंह ने एक नारा दिया था ‘इंकलाब जिंदाबाद’ आज मैं एक नारा दे रहा हूं ‘इंकलाब जिंदाबाद-शिक्षा क्रांति जिंदाबाद’.

वहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जिद्द है कि भारत भ्रष्टाचार मुक्त और शिक्षित होना चाहिए. उन्होंने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन सभी मुश्किलों के बावजूद इतने बड़े प्रोजेक्ट को कर्मचारियों ने चुनौतीपूर्ण समय में इतने कम समय में पूरा किया है यह सब काबिले तारीफ हैं. लेकिन उससे यह साबित होता कि सीएम अरविंद केजरीवाल जो कहते हैं वह समय पर पूरा करके भी दिखाते हैं.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि देश के किसी भी निजी स्कूल से बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर अब सरकारी स्कूल का हो गया है. साथ ही कहा कि दिल्ली में शिक्षा का बजट दोगुना किया गया. दिल्ली सरकार बजट में 25 फ़ीसदी हिस्सा शिक्षा पर खर्च करती है. इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने के साथ पढ़ाई के स्तर में भी सुधार हुआ है. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज धीरे-धीरे दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूल डिजिटल क्लासरूम की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि चार से पांच साल के अंदर सभी क्लासरूम, डिजिटल क्लासरूम में तब्दील कर दिए जाएंगे. इसके अलावा उन्होंने कहा कि तीन लाख 70 हज़ार बच्चे निजी स्कूल को छोड़कर सरकारी स्कूल में आए हैं.

बताते चलें कि इस कार्यक्रम में दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन, महरौली विधायक नरेश यादव, शिक्षा सचिव एच. राजेश प्रसाद, शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता, शिक्षक व अधिकारी मौजूद रहे. इस कार्यक्रम का दिल्ली शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में भी शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट के माध्यम से प्रसारित किया गया.

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