दिल्ली सरकार ने बदली कक्षा तीसरी से 8वीं की परीक्षा पॉलिसी, जानें पूरा बदलाव

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को कक्षा तीसरी से आठवीं तक के लिए नई एग्जामिनेशन गाइडलाइंस और प्रमोशन पॉलिसी जारी की है. इस गाइडलाइन्स में स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली के स्कूलों में तीसरी से आठवीं कक्षा में विद्यार्थियों का किस प्रकार असेसमेंट होगा और ऐसी कौन-सी परिस्थितियां होगी, जब 5वीं व 8वीं के बच्चों को अगली कक्षा में प्रोमोट करने से रोका जा सकेगा.

एससीईआरटी (State Council of Educational Research & Training) द्वारा तैयार नए असेसमेंट और प्रमोशन गाइडलाइन्स को शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी, लोकल बॉडीज व प्राइवेट स्कूलों के लिए जारी किया. इसके अनुसार, कक्षा 5वीं और 8वीं में बच्चों की लर्निंग के मूल्यांकन में अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा के साथ-साथ को-करिकुलर गतिविधियां भी शामिल होंगी.

इन को-करिकुलर गतिविधियों में प्रोजेक्ट बेस्ड गतिविधियां, पोर्टफोलियो, कक्षा में बच्चे की प्रतिभागिता, थिएटर, डांस, म्यूजिक, स्पोर्ट्स आदि गतिविधियों में प्रतिभागिता, बच्चे की अटेंडेंश इत्यादि शामिल हैं. जहां विद्यार्थियों को अपने स्किल को बेहतर करने के साथ-साथ प्रदर्शन सुधारने का मौका भी मिलेगा.

यदि कोई बच्चा किसी कारणवश कक्षा 5वीं या 8वीं में उतीर्ण नहीं हो पाता है तो उसे रिजल्ट घोषित होने के 2 महीने के भीतर अपने प्रदर्शन को सुधारने का एक और मौका मिलेगा. बता दें, 2019 में ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ में किए गए संशोधनों को ध्यान में रखते हुए यह प्रमोशन पॉलिसी जारी की है.

दरअसल, संसद द्वारा 2019 में इस अधिनियम में संशोध कर राज्यों को अनुमति दी गई कि राज्य ये निर्धारित कर सकते है कि कैसे और किन परिस्थितियों में ‘नो डिटेंशन’ पॉलिसी से इतर जाते हुए कक्षा 5वीं व 8वीं में विद्यार्थियों को डिटेन कर उनके अगली कक्षा में प्रमोशन को रोक सकते हैं.

बच्चों के सर्वांगीन विकास को ध्यान में रखते नई असेसमेंट गाइडलाइन्स जारी की है: सिसोदिया

शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘नो डिटेंशन’ पॉलिसी प्रोग्रेसिव पॉलिसी थी. लेकिन पूरी तैयारी न होने के कारण एजुकेशन सिस्टम इसका पूरा लाभ नहीं उठा सका. हमें एलेमेंट्री स्तर पर मजबूत नींव तैयार करने के लिए एक ऐसी व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है, जो बच्चे के सर्वांगीन विकास पर काम करे और वहां लर्निंग इस स्तर को डिटेंशन की आवश्यकता ही न हो.

सिसोदिया ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीन विकास को ध्यान में रखते हुए एससीईआरटी, दिल्ली ने नई असेसमेंट गाइडलाइन्स जारी की है. जहां विद्यार्थियों की बेहतरी के हर पक्ष का ध्यान रखा गया है. इस गाइडलाइन्स के माध्यम से हमारा उद्देश्य किसी भी विद्यार्थी को अगली क्लास में जाने से रोकना नहीं है, क्योंकि कभी भी कोई बच्चा फेल नहीं होता बल्कि सिस्टम फेल होता है. इस गाइडलाइन्स के माध्यम से हमारा असल उद्देश्य शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता लाना है, ताकि सभी लोग 5वीं व 8वीं कक्षाओं को भी उतनी ही गंभीरता दिखाए जितनी गंभीरता वे 10वीं 12वीं कक्षा के लिए दिखाते हैं.

क्या है नई असेसमेंट गाइडलाइन्स और प्रमोशन पॉलिसी

किसी भी बच्चे को प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक स्कूल से नहीं निकाला जाएगा. प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के अंत में कक्षा 5 और 8 में नियमित परीक्षा होगी. यदि कोई बच्चा कक्षा 5वीं या 8वीं की परीक्षा में फेल हो जाता है तो उसे परिणाम घोषित होने की तारीख से दो महीने के भीतर पुन: परीक्षा का अवसर दिया जाएगा. कक्षा 3, 4, 6 और 7 का मूल्यांकन कक्षा 5 और 8 के समान परीक्षा पैटर्न पर किया जाएगा. कक्षा 3, 4, 6 और 7 के छात्रों को एक ही कक्षा में डिटेन नहीं किया जाएगा.

कक्षा 3 से 8 के लिए शैक्षणिक सत्र में मध्यावधि परीक्षा (सितंबर /अक्टूबर) और वार्षिक परीक्षा (फरवरी और मार्च) के रूप में मूल्यांकन होगा. कक्षा 3 से 8 के लिए पेन और पेपर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी. इसमें रटने के बजाय स्किल्स, समझ व वास्तविक जीवन में अपने ज्ञान के प्रयोग के आधार पर विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा. इंटरनल असेसमेंट के लिए अंकों में सब्जेक्ट एनरिचमेंट, उपस्थिति, परियोजना आधारित गतिविधियों, पोर्टफोलियो आदि शामिल होंगे.

क्या है प्रमोशन गाइडलाइन्स?

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए सत्र के अंत में “पास” घोषित होने के लिए, विद्यार्थी को सत्र प्रत्येक विषय में कम से कम 33% अंक प्राप्त करने होंगे. अगली उच्च कक्षा में प्रमोशन के लिए जरूरी है कि विद्यार्थी इंटरनल असेसमेंट में प्राप्त किए अंकों के अतिरिक्त मध्यावधि परीक्षा और वार्षिक परीक्षा में कुल अंक में से न्यूनतम 25% अंक प्राप्त करें. पुन: परीक्षा में “उत्तीर्ण” घोषित होने के लिए, एक छात्र को उस विषय में कम से कम 25% अंक प्राप्त करने होंगे, जिसमें उसने पुन: परीक्षा दी है.

यदि कोई छात्र उस विषय (विषयों) में कम से कम 25% अंक प्राप्त नहीं करता है, जिसमें उसने पुन: परीक्षा दी है और उस विषय (विषयों) में 100 में से न्यूनतम 33 अंक प्राप्त नहीं करता है तो उसे “आवश्यक पुनरावृत्ति” की श्रेणी में रखा जाएगा. इस मामले में छात्र को अगले सत्र के दौरान उसी कक्षा में वापस रखा जाएगा.

(इनपुट ईटीवी भारत)

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