Delhi Riots 2020: दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में साल 2020 में दंगे हुए थे, जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए थे और लगभग 700 लोग घायल हुए थे. इन्हीं दंगों के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ था. वायरल वीडियो में दिल्ली पुलिस के अधिकारी मुस्लिम युवकों को बेरहमी से पीटते और उनसे राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर करते नजर आए थे. इसके कुछ दिनों बाद इनमें से एक युवक 23 साल के फैजान की मौत हो गई थी. अब इस घटना के छह साल बाद CBI ने दिल्ली पुलिस के दो कांस्टेबलों के खिलाफ अपनी चार्जशीट से हत्या का आरोप हटा दिया है.
बता दें कि पुलिस द्वारा मुस्लिम युवकों को पीटे जाने का वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस की कड़ी अलोचना हुई थी.
फैजान की मां ने क्या आरोप लगया?
बता दें कि फैजान की मां किस्मतुन की याचिका के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 2024 में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया था. किस्मतुन ने आरोप लगाया था कि पुलिस कर्मियों ने उनके बेटे के साथ मारपीट की, उसे गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखा और उसे जरूरी इलाज मुहैया नहीं कराया. फैजान की 26 फरवरी 2020 को रिहा किए जाने के कुछ ही समय बाद गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई.
CBI ने गैर इरादतन हत्या का चार्जशीट दायर किया
CBI ने अब हेड कांस्टेबल रविंदर कुमार और कांस्टेबल पवन यादव के खिलाफ IPC की धारा 304(II) (गैर इरादतन हत्या, जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती), जिसमें अधिकतम दस साल की जेल की सजा है, और 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), और अन्य प्रावधानों के तहत चार्जशीट दायर की है.
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक गोयल ने कहा कि IPC की धारा 323, 325, 304(II) r/w धारा 34 और उसके तहत अपराधों का संज्ञान लेने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री है.

