Dr. Manzoor Alam passed away: देश की मशहूर मुस्लिम हस्तियों में शुमार इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जेक्टिव स्टडीज (ISO) के चेयरमैन डॉ. मोहम्मद मंज़ूर आलम का इंतेकाल (निधन) हो गया. मंज़ूर आलम ने अपने जीवन काल में देश से लेकर दुनिया भर में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी.
बिहार के मधुबनी जिले में हुआ था जन्म
डॉ. मोहम्मद मंज़ूर आलम का जन्म बिहार के मधुबनी जिले के रानीपुर में 9 अक्टूबर, 1945 को हुआ था. इन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ से इकोनॉमिक्स में पीएचडी की डिग्री हासिल की थी. पीएचडी के बाद डॉ. मंज़ूर आलम कई बड़े संस्थानों में प्रोफेसर रहे और सलाहकार के रूप में भी काम किया.
कई महत्वपूर्ण पदों पर किया काम
डॉ. मोहम्मद मंज़ूर आलम ने सऊदी अरब के रियाद स्थित वित्त और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार के रूप में कार्य किया. वहीं वे सऊदी अरब के रियाद स्थित इमाम मोहम्मद बिन सऊद विश्वविद्यालय में इस्लामी अर्थशास्त्र विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर भी रहे.
उन्होंने सऊदी अरब के मदीना मुनव्वरा स्थित किंग फ़हद पवित्र क़ुरआन मुद्रण परिसर में दुनिया की विभिन्न भाषाओं में क़ुरआन के अर्थों के अनुवाद के मुख्य समन्वयक के रूप में भी काम किया. साथ ही वो मलेशिया की इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी (IIUM) के भारत में मुख्य प्रतिनिधि रहे.
डॉ. मोहम्मद मंज़ूर आलम सऊदी अरब के जेद्दाह के इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक के गैर-सदस्य देशों में मुस्लिम समुदायों के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम की सामान्य समिति के सदस्य रहे. वहीं वे लगातार दो कार्यकालों तक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ (AMU) की कोर्ट के सदस्य भी रहे.
वर्तमान में डॉ. मोहम्मद मंज़ूर आलम इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इस्लामिक थॉट, अमेरिका के बोर्ड सदस्य थे. वहीं कुवैत की इंटरनेशनल इस्लामिक चैरिटेबल ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक सदस्य थे. साथ ही वे तुर्की के इस्तांबुल स्थित सिविल सॉलिडैरिटी प्लेटफॉर्म के तहत इस्तांबुल टॉक्स की स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य थे.इसके अलावा, वे तुर्की के वर्ल्ड इस्लामिक फोरम के एमिनेंट पर्सन्स ग्रुप के सदस्य भी थे.

