Former Bihar PFI President Mahmood Alam Nadvi Arrested: प्रतिबंधित मुस्लिम संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के बिहार के पूर्व अध्यक्ष महमूद आलम नदवी को सुरक्षा एजेंसियों ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया. महमूद आलम की पीएम मोदी के पूर्णिया दौरे से पहले की गई. पीएम मोदी 15 सितंबर को पूर्णिया के दौरे पर जाने वाले हैं.
राज्य की खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, 39 साल के नदवी को किशनगंज जिले से गिरफ्तार गया है. यहां वह एक प्राइवेट स्कूल में टीचर के तौर पर काम कर रहे थे.
नदवी पर क्या आरोप है?
कटिहार के वंशीतोला गांव के रहने वाले महमूद आलम नदवी पर आरोप है कि वह पिछले तीन साल से फरार थे. साल 2022 में पटना के फुलवारीशरीफ इलाके में PFI से जुड़े ट्रेनिंग कैंप का भंडाफोड़ होने के बाद एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने नदवी पर गंभीर आरोप लगाए थे.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्रवाई के तुरंत बाद नदवी ओमान भाग गए थे, लेकिन इस साल मार्च में वापस बिहार लौट आए और तब से किशनगंज में रह रहे थे.
एजेंसियों का दावा है कि महमूद आलम नदवी ने विदेश में रहते हुए आईएसआईएस (ISIS) और बोको हराम जैसे आतंकी संगठनों से संपर्क रखा था. हालांकि, महमूद आलम नदवी और उनके परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है.
NIA ने मारा छापा
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को किशनगंज के मोहउद्दीनपुर स्थित उनके ठिकाने पर छापा मारा और वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं.
बता दें कि 2016- 17 में नदवी को बिहार प्रभारी बनाया गया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने PFI का नेटवर्क सीमांचल क्षेत्र किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
साल 2022 में PFI पर लगा था प्रतिबंध
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2022 में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगा दिया था और इसे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल बताया गया था. अधिकारियों ने कहा कि इस संगठन ने पटना के फुलवारीशरीफ स्थित कैंप में एक ‘जिहादी स्क्वॉड’ तैयार किया था और बिहार के सीमांचल इलाके किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में अपना नेटवर्क तेजी से फैलाया था.

