Gujarat Muslim News: देश के अलग- अलग इलाकों में मुसलमानों के बेबुनियाद आरोपों के आधार पर गिरफ्तार कर परेशान किया जा रहा है. एक ऐसा ही मामला गुजरात के बोटाड से सामने आया है. यहां एक नाबालिग मुस्लिम लड़के को चोरी के आरोप में हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने शारीरिक एवं सेक्सुअली रूप से शोषण किया. पुलिस के शोषण से नाबालिग लड़का गंभीर रूप से घायल हो गया है और अभी अस्पताल में भर्ती है. इस मामले के सामने आने का बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं.
पुलिस द्वारा बर्बरता से की गई कार्रवाई के बाद मानवाधिकार संगठनों समेत नेताओं ने इसे शर्मनाक बताते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला गुजरात के बोटाड जिले का है. यहां के रहने वाले नाबालिग मुस्लिम लड़के आर्यन मखियाला को पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया. इसके बाद थाने में नाबालिग लड़के को लगातार नौ दिनों तक कथित रूप से बेरहमी से पीटा.
कांग्रेस विधायक ने कार्रवाई की मांग की
इस घटना पर कांग्रेस के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि सौराष्ट्र के बोटाड़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 17 वर्षीय मुस्लिम लड़के आर्यन को चोरी से संबंधित मामले में पूछताछ के लिए बोटाड़ पुलिस ले गई. इसके बाद उसे अवैध रूप से हिरासत में रखा और बुरी तरह से टॉर्चर किया है.
जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि परिवार का आरोप है कि नाबालिग लड़के को शारीरिक एवं सेक्सुअली रूप से शोषण किया गया है. उसके गुप्तांगों में डंडे डाले गए थे.
Gandhinagar, Gujarat: Congress, MLA Jignesh Mevani, MLA, Congress says, “A shocking incident has come to light recently from Botad district in Saurashtra, Gujarat, where a 17-year-old Muslim boy named Aryan was taken in by Botad police for inquiry regarding a theft case involving… pic.twitter.com/PNAiuAQIBx
— IANS (@ians_india) September 10, 2025
‘पुलिस कांस्टेबल से लेकर SP तक पर हो कार्रवाई’
कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि मैं गुजरात सरकार, डीजीपी, गृह सचिव और गृह मंत्री से तत्काल कार्रवाई की मांग करता हूं. इस अमानवीय घटना में शामिल पुलिस कांस्टेबल से लेकर SP तक सभी के खिलाफ हिरासत में यातना (custodial torture) का मामला दर्ज किया जाना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि ये मामला न केवल गैर संवैधानिक है बल्कि मानव अधिकारों का भयंकर हनन है. आर्यण और और उसके परिवार को न्याय मिले और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हो.

