Arshad Madani On Himanta Biswa Sarma: असम की बीजेपी सरकार पिछले कुछ समय से निशाना बनाकर मुसलमानों को परेशान कर रही है. कभी मुसलमानों को अवैध कब्जा करने तो कभी अवैध बांग्लादेशी होने के आधार सताया जा रहा है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा खुलेआम मुसलमानों के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं. इसी बीच जमीयत उलमा–ए–हिंद के मौलाना अरशद मदनी ने हिमंता बिस्वा सरमा के बारे में गंभीर खुलासे किए हैं, जब वो कांग्रेस में थे. उन्होंने कहा कि इसने (हिमंता) सारी जिंदगी कांग्रेस की रोटियां तोड़ी लेकिन दिमाग RSS का रहा.
अरशद मदनी ने क्या कहा?
जमीयत उलमा–ए–हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान कहा कि जब आखिरी इलेक्शन हुआ था उस वक्त मैंने कहा था. क्योंकि मैं जानता था कि वह (हिमंता) कांग्रेस के वजीर थे. मैंने कहा था कि यह आपके वजीर जरूर है लेकिन ये आस्तीन का सांप बनेगा मुसलमान के साथ. इसे तो मुसलमान कब से बर्दाश्त कर रहा है.
अरशद मदनी ने सोनिया गांधी को लेटर लिखते हुए कहा था कि हिमंता बिस्वा सरमा को टिकट न दीजिए लेकिन उनके साथ कुछ मुसलमान भी थे, उन्होंने भी कहा लेकिन इसे टिकट दे गया.
‘असम के मुख्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए’
बता दें कि इससे पहले जमीयत उलमा–ए–हिंद की कार्यकारी समिति ने असम में जारी बेदखली और पचास हजार से अधिक परिवारों को बेघर करने जैसी कार्रवाइयों पर पर गहरी चिंता व्यक्त की. अपने प्रस्ताव में, कार्यकारी समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए देश की संवैधानिक संस्थाओं विशेषकर भारत की राष्ट्रपति और भारत के मुख्य न्यायाधीश से मांग की कि संविधान की रक्षा के लिए असम के मुख्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए और उनके विरुद्ध हेट स्पीच (नफरती भाषण) के मामले दर्ज किए जाएं.
हिमंता ने मुसलमानों के खिलाफ दिया बयान
साथ ही जमीयत उलमा-ए-हिंद ने कहा था कि असम के मुख्यमंत्री का हालिया बयान, जिसमें उन्होंने कहा है कि “हम केवल मियां-मुसलमानों को बेदखल कर रहे हैं”, इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यह कार्रवाइयां मुस्लिम दुश्मनी की भावना पर आधारित हैं.

