Indian Umrah Pilgrims Stuck In Saudi: सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष जारी है. सऊदी अरब यमन में हवाई बमबारी कर रहा है. वहीं, यमन के हूती विद्रोही भी मिसाइलों और ड्रोन से सऊदी के हवाई अड्डे, तेल ठिकानों और मिलिट्री ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. इस बीच सऊदी अरब के मक्का शहर में उमरा के लिए गए 4000 उमरा यात्री फंसे हुए हैं और परेशान हैं. इस मामले को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि मक्का, मदीना और जेद्दा शहर में फंसे चार हजार भारतीय उमरा यात्रियों को वापिस देश लाने के लिए भारत सरकार जल्द कदम उठाए.
उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और सिविल एविएशन मिनिस्टर राम नायडू साहब से सऊदी में फंसे भारतीय उमरा यात्रियों को वापिस देश लाने के लिए खास अपील की है. ओवैसी ने सोशल मीडिया पोस्ट करके इन तीनों मंत्रियों को टैग किया और उमरा यात्रियों को वापिस लाने की गुहार लगाई. उन्होंने कहा कि सऊदी में फंसे उमरा यात्री गरीब हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट लेकर भारत वापस आ सके. इसलिए ओवैसी ने भारत सरकार से स्पेशल एयरक्राफ्ट भेजकर सभी उमरा यात्रियों को वापस बुलाने की मांग की है.
ओवैसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोला, “पिछले दो-तीन हफ्तों से सऊदी अरब के जेद्दा, मदीना और मक्का शहर में 4 हजार भारतीय उमरा यात्री फंसे हुए हैं और वे बेहद तकलीफ में हैं. उनके ट्रैवल एटेंट ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ चुके हैं. ये तमाम चार हजार हज यात्री इंडिगो एयरलाइंस, अकासा एयरलाइंस और एयर इंडिया एयरलाइंस से सऊदी अरब उमरा करने के लिए गए. अब भारत में DGCA इन तीनों एयरलाइंस को जेद्दा जाने की इजाजत नहीं दे रही है. हम DGCA से यह मांग करते हैं कि वह इन तीनों एयरलाइंस को तुरंत इजाजत दें कि वे बड़ा एयरक्राफ्ट लेकर जाए (A321) लेकर जाए और ये तमाम उमरा यात्रियों को वापस लेकर आए.”
उन्होंने कहा, “अगर DGCA एयरक्राफ्ट को जेद्दा जाने की इजाजत नहीं देता है, तो हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि वह स्पेशल एयरक्राफ्ट भेजकर इन उमरा यात्रियों को वापस बुलाए.” उन्होंने कहा, “हम यह उम्मीद करते हैं कि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री, विदेश मंत्री और एविएशन मंत्री इस मामले का संज्ञान लेकर फौरन इन लोगों की मदद करेंगे और उनको सुरक्षित वापस भारत लेकर आएंगे.”
·
