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‘जामिया क्या उनके बाप की यूनिवर्सिटी है?’ FIR दर्ज होने पर भड़के सांसद इमरान मसूद, प्रदर्शनकारी छात्रों का किया समर्थन

FIR On Imran Masood: जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को छात्रों से मिलने से रोकने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर उन्होंने प्रशासन की आलोचना की. प्रशासन ने चुनाव कराने का आदेश दिया है, लेकिन छात्र समय-सीमा और अन्य मांगों को लेकर अब भी प्रदर्शन कर रहे हैं. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.

FIR On Imran Masood: जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ बहाल कराने और छात्र संघ चुनाव कराने को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच शुक्रवार, (23 अक्टूबर) को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने पहुंचे. हालांकि जामिया कैंपस के बाहर पहले से ही तैनात दिल्ली पुलिस ने इमरान मसूद को कैंपस में जाने से रोका और उन्हें हिरासत में ले लिया. बीते रिवार (25 अक्टूबर) को जामिया एडमिनिस्ट्रेशन की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने इमरान मसूद समेत जामिया कैंपस में घुसने के प्रयास करने वाले दीगर नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है. इस FIR को लेकर कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है और जामिया एडमिनिस्ट्रेशन पर जमकर हमला बोला है.

अपने ऊपर हुई FIR को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद भड़क गए. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए जामिया एडमिनिस्ट्रेशन पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि वह बच्चों से मिलने के लिए जामिया जाएंगे. फिर चाहे उनके ऊपर कितनी भी FIR क्यों न दर्ज हो. उन्होंने कहा, ‘जामिया क्या उनके बाप की यूनिवर्सिटी है? कैसे नहीं जाने देंगे मुझे, हमे अपने बच्चों से मिलने नहीं देंगे! जितनी मर्जी FIR कर लो. हम जाएंगे.

उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार महताब आलम रिजवी पर जामिया को बर्बाद करने का इल्जाम लगाय. उन्होंने कैंपस में कथित विवादित नारे लिखने को लेकर कहा कि इन कामों के पीछे यही (रजिस्ट्रार महताब आलम रिजवी) आदमी है. इसने जामिया को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार महताब आलम रिजवी इंद्रेश कुमार के पैर दबाकर जामिया का प्रॉक्टर बना है. बता दें कि इंद्रेश कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े अल्पसंख्यक समुदाय के संगठन ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ (MRM) के अध्यक्ष हैं.

इमरान मसूद ने रजिस्ट्रार महताब आलम रिजवी की नियुक्ति को लेकर कहा कि इसकी नियुक्ति पर सवाल खड़े हैं, इसके खिलाफ FIR हैं और केस पेंडिंग है. उन्होंने कहा कि यह समझ रहे हैं कि इनसे डर जाएंगे, हम इनके खिलाफ सारे सबूत इकट्ठा करके कोर्ट जाएंगे और सदन में भी सवाल उठाएंगे कि हमारा जमिया में जाना कैसे गुनाह हो गया? उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे जामिया में भूख हड़ताल पर बैठे हैं, उसको लेकर तो कुछ करेंगे नहीं, लेकिन हम पर कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे जामिया के अंदर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं, हम पर FIR दर्ज कर दी और कैंपस को चारों तरफ से जेल बना दिया. यह ऐसा करके देश को क्या बताना चाहते हैं.

गौरतलब है कि सोमवार (26 अक्टूबर) को जामिया एडमिनिस्ट्रेशन ने एक ऑर्डर जारी किया, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को मानते हुए कहा कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद छात्र संघ चुनाव करा दिए जाएंगे. लेकिन छात्रों ने प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है. छात्रों का कहना है कि उनकी सभी मांगों को इस ऑर्डर में शामिल नहीं किया गया है. साथ ही छात्र संघ के संविधान को स्वीकार करने की तय समय-सीमा नहीं रखी गई है.

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