Jamia Student Protest: जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ को लेकर स्टूडेंट्स का भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्श जारी है. वहीं, यूनिवर्सिटी के आस-पास सुरक्षा बलों की तैनाती करके, उसे किले में तबदील कर दिया गया है. इस प्रदर्शन को विपक्ष के मुस्लिम नेताओं का समर्थन मिल रहा है. वहीं, इस मामले पर दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने जामिया प्रशासन को सलाह दी है कि जो बच्चे 14-15 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं, उन्हें खुदा न खास्ता कुछ हो जाए, भवंडर हो जागा. उन्होंने आगे कहा कि मैं यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर साहब से यह रिक्वेस्ट करुंगा कि वह बच्चों को बुलाए, बात करें और यूनियन की तैयारी करें.
उन्होंने जामिया में हो रहे प्रदर्शन पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी बच्चों की मांग बिल्कुल जायज है. उन्होंने कहा, “पूरे देश में छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र संघ की घोषणा हो चुकी है, इसलिए जामिया में भी छात्र संघ बनाने की मांग को नहीं रोका जा सकता. यह लोकतंत्र का एक स्थापित सिद्धांत है, और छात्र अब इसे और बर्दाश्त नहीं करेंगे. जामिया प्रशासन को यह समझना चाहिए कि छात्र पिछले 14-15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. खुदा न खास्ता अगर किसी की तबीयत बिगड़ती है या किसी के साथ कुछ अनहोनी होती है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है. छात्रों की मांगें पूरी तरह से जायज हैं. इसलिए, मैं वाइस-चांसलर से आग्रह करूंगा कि वे छात्रों को बुलाएं, उनसे बातचीत करें और छात्र संघ बनाने की प्रक्रिया शुरू करें.”
जामिया के छात्रों के समर्थन में एक्टर नसीरुद्दीन शाह
वहीं, मशहूर फिल्म एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करके सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि पहले जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) फिर सत्यजीत राय फिल्म इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है, ‘वह याद रखा जाएगा, सब याद रखा जाएगा.’ उन्होंने मोदी सरकार, कथित गोदी मीडिया और BJP आईटी सेल के ट्रोल को चुनौती देते हुए कहा, “कितना करोगे तुम, करते रहो, पूरी ताकत लगा लो. न मारे मुल्क के नौजवानों का हौसला टूटने वाला है, न हमारे मुल्क के शिक्षण संस्थान बर्बाद होने वाले हैं और न हमारा लोकतंत्र खतरे में पडने वाला है.”
उन्होंने खुद को दिमागी नक्सल बताते हुए मोदी सरकार से सवाल पूछे की और कहां तक जाओगे हमारे मुल्क के नौजवानों के हौसले को तौड़ने के लिए, शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे देश के लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए कितना करोगे.
