Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक गलियारों में उथल-पुथल की आशंका है. हाल ही में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था. लेकिन अब उनकी अपनी पार्टी के अंदर ही बगावत की आशंका है. उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नाराज विधायकों ने बीते दिन शुक्रवार (30 अक्टूबर) को एक बैठक की और अपनी मांगों की लिस्ट तैयार की. नाराज विधायकों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को अल्टीमेटम दिया और उमर अब्दुल्ला के सलाहकार और कुछ मंत्रियों को हटाने की मांग की.
नाराज विधायकों के टोटल चार मांग हैं. पहली मांग, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी को हटाया जाए. दूसरी मांग, उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी को हटाया जाए. तीसरी मांग, जिन मंत्रियों ने अपने पद पर दो साल पूरे कर लिए हैं, उन्हें हटाया जाए. चौथी मांग मंत्रिपरिषद का पूरी तरह से पुनर्गठन किया जाए.
एक नाराज विधायक ने कहा, “हम अपनी मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए उनसे मिलना चाहते हैं. हम पार्टी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अब सब कुछ पहले की तरह नहीं चल सकता. मुख्यमंत्री को हमारी बात सुननी चाहिए और ऐसे बदलाव करने चाहिए जो पार्टी और सरकार के हित में हों.”
बीते शुक्रवार को श्रीनगर में विधायक कैसर जमशेद लोन के आवास पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के 18 नाराज विधायकों ने मीटिंग की और पार्टी के अंदर काम करने के तरीकों में बदलाव और पारदर्शिता के लिए लड़ने का संकल्प लिया. संबंधित विधायकों ने हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान हुए फेरबदल के मानदंडों में पारदर्शिता की मांग की है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बागी खेमे में विधायकों की संख्या 24 हो गई है.
गौरतलब है कि 90 सदस्ययी वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के 41 विधायक हैं. जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए 46 विधायकों की बहुमत चाहिए होती है. नेशनल कॉन्फ्रेंस को कांग्रेस के 6 विधायकों और कुछ छोटी पार्टियों और निर्दलीय विधायकों के समर्थन प्राप्त हैं. इन विधायकों को मिलाकर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपनी सरकार बनाई है.
