Delhi News: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री ललन सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब लाभार्थियों को उनके आधार नंबर के जरिए भुगतान नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके बायोमेट्रिक्स और वोटर आईडी (ईपीआईसी) नंबरों का उपयोग करके भुगतान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह जल्द ही होगा. वोटर लिस्ट से कथित तौर पर करोड़ों लोगों के नाम काटे जाने को लेकर विवाद चल ही रहा था. इस बीच ललन सिंह का आधार कार्ड की जगह वोटर आईडी के नंबर से लाभार्थियों को भुगतान करने वाला बयान सामने आ गया. इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में चल रही NDA सरकार पर हमला बोला है और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की मंशा पर सवाल खड़ा किया.
ललन सिंह ने कहा, “वो आधार कार्ड अब आधार नहीं रहेगा. जो भी लाभार्थी हैं, उनके लिए बायोमेट्रिक और उनका जो वोटर आईडी का ईपीआईसी नंबर है, वो उसका आधार होगा, और उसी पर उनका भुगतान होगा.” जिन योजनाओं के लिए ईपीआईसी नंबर का उपयोग किया जाएगा. इस बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “यही तो शुरू से योजना थी. SIR प्रक्रिया के ज़रिए पहले ही कम से कम 13.3 करोड़ भारतीयों को मतदाता सूची से हटाया जा चुका है. अब वोटर आईडी न होने को आधार बनाकर लोगों को राशन, आवास, स्वास्थ्य बीमा और रोज़गार की गारंटी जैसी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है.”
उन्होंने आगे लिखा, यह एक बड़ी साज़िश है. पहले, लोगों को मतदाता सूची से हटाकर उनकी राजनीतिक आवाज़ छीन ली जाती है. फिर, सूची में नाम न होने का हवाला देकर उन्हें कल्याणकारी योजनाओं के हक़ से भी वंचित कर दिया जाता है. नतीजा यह होता है कि लाखों भारतीय लोकतांत्रिक और कल्याणकारी व्यवस्था, दोनों से बाहर हो जाते हैं; वे दोयम दर्जे के नागरिक बनकर रह जाते हैं और उन्हें उन अधिकारों से भी महरूम कर दिया जाता है, जो एक नागरिक के तौर पर उनके पास होने चाहिए.”
