ईद के मौके पर अपने गैर-मुस्लिम दोस्तों को गले लगायें, प्यार से नफरत को खत्म करें: कलीमुल हफ़ीज़

नई दिल्ली: हमारा देश इस समय आग की कगार पर है. फ़ासीवादी सरकार के इशारे पर दुष्ट तत्व समाज को अस्थिर करने का काम कर रहे हैं. ऐसे में माहौल को अनुकूल और शांतिपूर्ण बनाना प्रत्येक नागरिक की ज़िम्मेदारी है. इस दिशा में हर एक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए.

ये विचार ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन, दिल्ली के अध्यक्ष कलीमुल हफ़ीज़ ने प्रेस को जारी एक बयान में व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि त्यौहार खुशी का संदेश लाते हैं. इस अवसर पर आपत्तिजनक नारे लगाना और धार्मिक स्थलों को अपवित्र करना देश की प्राचीन सभ्यता और धर्मों की शिक्षाओं के ख़िलाफ है.

कलीमुल हफ़ीज़ ने विशेष रूप से मजलिस के कार्यकर्ताओं से हर कीमत पर भाईचारा बनाए रखने और ईद के मौके पर अपने गैर-मुस्लिम दोस्तों, व्यापारिक भागीदारों, कर्मचारियों और श्रमिकों को गले लगाने की अपील की.

उन्होंने कहा कि नफरत को प्यार से ही मिटाया जा सकता है. फासीवादी दल अपने राजनीतिक हितों को देख कर हर मौके पर नफ़रत फैलाने का काम करते हैं उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि उनके बुरे कामों से देश और जनता को कितना नुक़सान होगा.

कलीमुल हफ़ीज़ ने कहा कि जहां भी राम और हनुमान के नाम पर दंगे हुए हैं, आम जनता को नुकसान हुआ है और लाभ एक विशेष राजनीतिक दल को मिला है. देश के नागरिकों को फासीवादी राजनेताओं के खेल को समझना चाहिए. हर व्यक्ति को चाहे वह कहीं भी हो झगड़े और दंगों को रोकने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए.

अध्यक्ष ने सरकारी प्रशासन से त्योहारों के अवसर पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने की अपील की और कहा कि किसी को भी कानून के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. लोगों को भी भारतीय संविधान का सम्मान करते हुए कानून का पालन करना चाहिए.

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