Asaduddin Owaisi On Modi- Xi Jinping Meeting: पीएम मोदी ने सात साल बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से आज यानी कि शनिवार, 31 अगस्त को मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच लगभग 50 मिनट बातचीत हुई. इसी बीच AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात उन अहम सवालों का जवाब देने में नाकाम रही है, जिनके जवाब देश की जनता जानना चाहती थी.
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि पीएम मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई मुलाकात भारत के लोगों के लिए अहम सवालों के जवाब देने में नाकाम रही है.
ओवैसी ने उठाए सवाल
ओवैसी ने कहा कि इन सवालों में सबसे बड़ा मुद्दा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन का समर्थन और अफगानिस्तान में CPEC का विस्तार है. इन पर कोई बात नहीं की गई.
‘हमारे बहादुर सैनिक बफर जोन में पेट्रोलिंग नहीं कर पा रहे हैं’
AIMIM सांसद ने कहा कि इसके अलावा, नदियों से जुड़े हाइड्रोलॉजिकल डेटा को साझा करने पर भी चीन की ओर से कुछ नहीं कहा गया. लद्दाख में सीमा की स्थिति अब भी ऐसी है कि हमारे बहादुर सैनिक बफर जोन में पेट्रोलिंग नहीं कर पा रहे हैं और 2020 के बाद से हमारे चरवाहों को कई इलाकों तक जाने की इजाजत नहीं है.
The @PMOIndia meeting with Chinese President today has failed to answer the critical questions that Indians have been looking for. On the top of that list is China’s support for Pakistan during Operation Sindoor and the extension of CPEC into Afghanistan. We have not heard a…
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) August 31, 2025
ओवैसी ने आगे कहा कि चीन से रेयर अर्थ मटेरियल्स और अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई फिर से शुरू करने पर कोई वादा नहीं किया गया. न ही यह कहा गया कि वह भारत से और सामान आयात करेगा.
‘फोटो खिंचवाना, जैकेट का रंग या कालीन की लंबाई…’
औवेसी ने निशाना साधते हुए कहा कि ये सब वे मुद्दे हैं जो भारत के लोगों के लिए वाकई मायने रखते हैं. न कि फोटो खिंचवाने, जैकेट का रंग या कालीन की लंबाई जैसी बातें. दुख की बात है कि मोदी- शी जिनपिंग की यह मुलाकात किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी.

