IPS Officer Bushra Bano Transfer Controversy: पश्चिम बंगाल में तैनात IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह अपने जीवन के संघर्षों के बारे में बताते हुए, अस्सलाम-अलैकुम, इंशाअल्लाह और जज़ाकल्लाह जैसे शब्दों का उपयोग करती दिख रही हैं. इस वीडियो को वायरल करके सोशल मीडिया के माध्यम से नफरती हिंदुत्वादियों ने IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. वर्दी में अस्सलाम-अलैकुम, इंशाअल्लाह और जज़ाकल्लाह जैसे शब्दों का उपयोग करने को लेकर IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो पर कार्रवाई की गई है और उनका ट्रांसफर कर दिया गया है.
इस कार्रवाई को लेकर बवाल खड़ा हो गया है. कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ट्वीट करके लिखा,
“ब्रिक्स सम्मेलन में दुनिया भर से आये हुए मुस्लिम राष्ट्राध्यक्षों को बांहें फैलाकर गले लगाने वाले मोदी जी की पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ने खड़गपुर में तैनात IPS बुशरा बानो का महज़ इसलिये ट्रांसफर कर साइड लाइन कर दिया क्योंकि एक वीडियो संदेश के ज़रिये युवाओं से संवाद करते हुए उन्होंने इंशाअल्लाह और जज़ाकअल्लाह कह दिया था जिसका अर्थ बड़ा सामान्य सा है.”
इमरान प्रतापगढ़ी ने pm मोदी से किए सवाल
उन्होंने लिखा, “एक नफ़रती TV चैनल ने पहले वो वीडियो सनसनीख़ेज़ बनाकर पोस्ट किया और महिला IPS की ऑनलाइन ट्रोलिंग करवाई गई, राज्य सरकार ने उनका साथ देने के बजाय अगले दिन उनका ट्रांसफ़र कर दिया.”
उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए कहा, “ये कैसा भारत बना रहे हैं नरेंद्र मोदी जी? @IPS_Association क्या आप देख रहे हैं ?”
महुआ मोइत्रा ने IPS बुशरा बानो का किया समर्थन
तृणमूल कांग्रेस की महिला सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, “एक तरफ़ BJP सरकार BRICS समिट में “प्रेयर रूम” बनाकर अपनी सेक्युलर छवि दिखा रही है, तो दूसरी तरफ़ एक मुस्लिम महिला IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो को सिर्फ़ “अस्सलाम-अलैकुम” और “जज़ाकल्लाह” कहने पर किनारे कर दिया गया – जो ‘गोदी मीडिया’ द्वारा फैलाई जा रही नफ़रत को ही आगे बढ़ाता है. बुशरा, हम आपके साथ हैं”

