Gaza News: इजराइल सीजफायर के बावजूद गाजा को निशाना बना रहा है. गाजा सरकार के मीडिया ऑफिस के मुताबिक, इजराइली सेना ने पिछले 90 दिनों में सीजफायर समझौते का 1,193 बार उल्लंघन किया. इस दौरान 484 फिलिस्तीनी मारे गए और 1,206 लोग घायल हुए है.
गाजा सरकार के मीडिया ऑफिस ने शुक्रवार को बयान जारी करते हुए कहा कि सीजफायर उल्लंघनों में आम नागरिकों पर फायरिंग, घरों पर फायरिंग, रिहायशी इलाकों में सैन्य घुसपैठ और बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ शामिल है. इजराइली सेना के उल्लंघन से सीजफायर समझौते की मूल शर्तें कमजोर हुई हैं.
गाजा मंत्रालय ने इन कार्रवाइयों को संघर्षविराम समझौते और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का “गंभीर और सुनियोजित उल्लंघन” बताया.
484 नागरिकों की मौत हुई
बयान में आगे कहा गया कि इन सिस्टमैटिक उल्लंघनों के कारण 484 नागरिकों की मौत हुई, 1,206 लोग घायल हुए, और कब्जा करने वाली सेनाओं द्वारा गैर-कानूनी गिरफ्तारी के 50 मामले सामने आए.
‘गाजा पट्टी नरसंहार का सामना कर रहा है‘
गाजा सरकारी मीडिया कार्यालय (GMO) ने कहा कि गाजा पट्टी एक धीमे नरसंहार का सामना कर रही है, क्योंकि कब्जा करने वाली ताकतें समझौते और मानवीय प्रोटोकॉल के तहत अपनी जिम्मेदारियों से लगातार पीछे हट रही हैं. उन्होंने तय की गई न्यूनतम मानवीय सहायता भी पूरी नहीं की.
कार्यालय ने आगे कहा कि 90 दिनों की अवधि में गाजा में केवल 23,019 सहायता ट्रक ही दाखिल हो पाए, जबकि तय संख्या 54,000 ट्रकों की थी. इसका मतलब है कि रोजाना औसतन सिर्फ 255 ट्रक पहुंचे, जबकि 600 ट्रक रोज पहुंचने थे. इस तरह समझौते को लागू करने की दर 43 प्रतिशत से भी कम रही.
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से की ये अपील
गाजा सरकारी मीडिया कार्यालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, समझौते को समर्थन देने वाले पक्षों, मध्यस्थों और गारंटी देने वालों, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वे अपनी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारियों को निभाएं. साथ ही मांग की कि इजराइल को बिना किसी कमी के समझौते के तहत अपनी सभी जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए मजबूर किया जाए और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.

