Jamaat-e-Islami Hind On Sonam Wangchuk: क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को बीते कल यानी कि 26 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया है. लेह में बीते दिनों शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के बाद हिंसा भड़कने पर पुलिस फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई थी और 50 लोग घायल हुए थे. केंद्र सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया है. वांगचुक की गिरफ्तारी की देशभर में निंदा की जा रही है और केंद्र सरकार के रवैये पर सवाल उठाए जा रहे हैं. इसी बीच जमात-ए- इस्लामी हिंद ने भी सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की.
जमात-ए-इस्लामी हिंद ने क्या कहा?
जमात-ए-इस्लामी हिंद (JIH) के उपाध्यक्ष प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि हम लद्दाख में कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हैं. उन पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) लगाया गया है, जो साफ दिखाता है कि सरकार की मंशा उन्हें लंबे समय तक जेल में रखने की है.
प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने कहा कि हाल ही में राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा चिंता का विषय है. लेकिन शांतिपूर्वक विरोध कर रहे लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना बिल्कुल गलत और अन्यायपूर्ण है.
‘देशद्रोही कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’
जमात के उपाध्यक्ष ने कहा कि लद्दाख के लोगों की जायज़ मांगों पर तुरंत और ईमानदारी से ध्यान देना चाहिए. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिम्मेदार नागरिकों और कार्यकर्ताओं को कुछ मीडिया चैनलों और राजनीतिक वर्गों द्वारा गलत तरीके से ‘देशद्रोही’ या ‘राष्ट्रविरोधी’ कहा जा रहा है. ऐसे आरोप न सिर्फ जनता की असली परेशानियों से ध्यान भटकाते हैं, बल्कि माहौल को खतरनाक रूप से बांटते हैं और लोगों की चिंताओं को और बढ़ा देते हैं.
सरकार से की ये अपील
साथ ही जमात के उपाध्यक्ष ने कहा कि हम सरकार से अपील करते हैं कि सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए और लद्दाख के लोगों के साथ मौजूदा संकट का समाधान निकालने के लिए सार्थक और सकारात्मक बातचीत की जाए.

