नई दिल्ली: जमात-ए-इस्लामी हिंद (JIH) के उपाध्यक्ष प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के कटरा में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भयानक भूस्खलन (लैंडस्लाइड ) पर गहरा शोक और एकजुटता व्यक्त की.
प्रो. सलीम इंजीनियर ने क्या कहा?
प्रो. सलीम इंजीनियर ने बयान जारी करते हुए कहा कि अर्धकुंवारी के पास भारी बारिश के चलते हुए इस भूस्खलन में कई बेगुनाह लोगों की जान चली गई, कई घायल हुए और श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों के परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं, जो स्थिति को और गंभीर बना देता है. हम केंद्र और राज्य सरकारों से अपील करते हैं कि राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को तुरंत, तेज और समन्वित तरीके से किया जाए.
जमात के उपाध्यक्ष ने NDRF, SDRF, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों की त्वरित तैनाती और उनके अथक प्रयासों की सराहना की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि लापता लोगों की तलाश और घायलों को तत्काल चिकित्सकीय मदद देने के लिए राहत कार्यों की गति और बढ़ाई जाए.
उन्होंने आगे कहा कि कटरा के लोगों को इस मुश्किल घड़ी में अकेला महसूस नहीं करना चाहिए. पूरे देश को उनके साथ खड़े होना चाहिए.
आपदाओं से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति बनानी की मांग
प्रो. सलीम इंजीनियर ने लंबी अवधि की तैयारी की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार को भूस्खलन, अचानक बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति बनानी चाहिए, जिसमें स्पष्ट एसओपी (Standard Operating Procedures) हों ताकि जान-माल का नुकसान कम किया जा सके. इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों के दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए.