जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (Jamia Millia Islamia) के इस्लामिक स्टडीज विभाग के प्लेसमेंट सेल ने इस्लामिक स्टडीज में करियर के अलग- अलग मौकों के लेकर सेमिनार का आयोजन किया. इस सेमिनार में हमारी सदा ट्रस्ट, सदा टाइम्स और Novagen Edge Pvt. Ltd. के संस्थापक मोहम्मद इरशाद आलम ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की और स्टूडेंड्स ने अपने अनुभवों को और भविष्य की दिशा स्पष्ट करने के लिए कई विचार साझा किए.
मोहम्मद इरशाद आलम ने कहा कि इस्लामिक स्टडीज के छात्रों के लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य, सही योजना और निरंतर मेहनत आवश्यक है.
मोहम्मद इरशाद आलम ने और क्या कहा?
मोहम्मद इरशाद आलम ने इस बात पर जोर दिया कि स्टूडेंट्स को डिपार्टमेंट में अपनी एकेडमिक जर्नी को सिर्फ डिग्री लेने तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए. इसके बजाय, अपनी पढ़ाई के दौरान, उन्हें एक साथ सेंट्रल और स्टेट लेवल के कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करनी चाहिए.
इस्लामिक स्टडीज विभाग के अध्यक्ष ने रखी बात
वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इस्लामिक स्टडीज विभाग के अध्यक्ष और मानविकी एवं भाषा संकाय के डीन, प्रोफेसर इक्तेदार मोहम्मद खान ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों को अपने शैक्षणिक जीवन में सवाल पूछने, शोध करने और आलोचनात्मक सोच विकसित करने की आदत डालनी चाहिए. आप पूरी स्पीच सदा टाईम्स के यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं. स्पीच देखने के लिए इसमें क्लिक करें.
