Bihar: बिहार में चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा किए जा रहे SIR प्रक्रिया पर राजनीतिक बवाल बढ़ता ही जा रहा है. विपक्षी राजनीतिक पार्टियां लगातार इसके खिलाफ विरोध पर्दर्शन कर रही है. वहीं कुछ एनडीए के नेताओं ने भी चुनाव आयोग के SIR प्रक्रिया का विरोध किया था. जेडीयू सांसद गिरधारी यादव (MP Giridhari Yadav) ने कहा था कि यह चुनाव आयोग का तुगलकी फरमान है. गिरधारी यादव के इस बयान के बाद उन्हें पार्टी ने अनुशासनहीनता के लिए नोटिस दिया है. जेडीयू ने सांसद गिरधारी यादव को नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के अंदर जवाब देने कहा है.
जेडीयू ने नोटिस देते हुए कहा कि हमारी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), ने एनडीए गठबंधन में रहते हुए माननीय भारत निर्वाचन आयोग और ईवीएम के उपयोग का लगातार समर्थन किया है. ऐसे संवेदनशील मामले पर विशेष रूप से चुनावी वर्ष में, आपकी सार्वजनिक टिप्पणियां न केवल पार्टी के लिए शर्मिंदगी का कारण बनती हैं, बल्कि अनजाने में विपक्ष द्वारा लगाए गए निराधार और राजनीति से प्रेरित आरोपों को भी विश्वसनीयता प्रदान करती हैं.
JDU has issued a show-cause notice to party MP Giridhari Yadav over his statement on the Special Intensive Revision (SIR) exercise in Bihar.
The notice reads, “…Your public comments on such a sensitive matter, especially in an election year, not only cause embarrassment to the… pic.twitter.com/WyHlVGz1B8
— ANI (@ANI) July 24, 2025
SIR प्रक्रिया पर क्या बयान दिया था?
बता दें कि जेडीयू सांसद गिरधारी यादव ने बिहार में चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि चुनाव आयोग को कोई व्यवहारिक ज्ञान नहीं है. वो बिहार का ना इतिहास जानता है, ना भूगोल जानता है, कुछ जानता ही नहीं है.
सांसद गिरधारी यादव ने आगे कहा था कि बरसात के दिन में जब खेती का काम चल रहा है, बाढ़ के समय सबको डॉक्यूमेंट ढूंढने में लगा दिया गया है. उन्होंने कहा कि हमें कागज ढूंढने में दस दिन का समय लग गया. मेरेा बेटा अमेरिका में रहता है, कैसे साइन करेगा.
‘हम लोगों पर SIR थोप दिया गया है’
गिरधारी यादव ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हए कहा कि जबरदस्ती हम लोगों पर SIR थोप दिया गया है. अगर यह करवाना ही था तो छह महीने का समय दिया जाता.
#WATCH | Monsoon Session of Parliament |On SIR (Special Intensive Revision), JDU MP Giridhari Yadav, says “…Election Commission has no practical knowledge. It neither knows the history nor the geography of Bihar. It took 10 days for me to collect all the documents. My son… pic.twitter.com/nERFIX2fQq
— ANI (@ANI) July 23, 2025
यह चुनाव आयोग का तुगलकी फरमान है. वहीं पार्टी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी से क्या मतलब है, यह मेरा व्यक्तिगत विचार है. यह पार्टी के खिलाफ बयान नहीं है बल्कि सच्चाई है. अगर सच्चाई भी नहीं बोल पाए तो सासंद क्यों बने हैं..

