Madhya Pradesh News: भारत में लगातार इस्लामोफोबिया बढ़ रहा है. इसी का एक हिस्सा मुस्लिम समुदाय के पहनावे को असामान्य मानना और उसके लिए घृणा को जाहिर करना है. जिस तरह मुस्लिम मर्दों की दाढ़ी, टोपी निशाने पर रहती है. उसी तरह मुस्लिम महिलाओं के नकाब, हिजाब, बुर्का, अबाया अब निशाने पर है. खासकर हिंदुत्वादियों द्वारा लगातार मुस्लिम महिलाओं के कपड़े को लेकर अभद्र टिप्पणी देखने को मिलती है. अब यह भेदभाव यहां तक बढ़ गया है कि बुर्का की वजह से गार्ड मुस्लिम महिलाओं के साथ बदतमीजी कर रहे हैं.
ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के इंदौर से सामने आया है. यहां खरगोन की रहने वाली एक मुस्लिम महिला शाइस्ता इंदौर स्थित एम.वाई. हॉस्पिटल में इलाज कराने आई थी. वह आभा आईडी बनवाने के लिए लाइन में लगी थी. इस दौरान गार्ड ने संबंधित मुस्लिम महिला को बुर्के की वजह से लाइन से बाहर निकालने की कोशिश की और उनका नकाब खींचा और बदतमीजी की. साथ ही वीडियो बनाने की धमकी देने लगा. महिला ने अपनी आपबीती वीडियो के माध्यम से बताई है.
हिजाब और बुर्के के खिलाफ हिंदुत्वादियों की संगठित नफरत मुस्लिम महिलाओं के लिए पैदा कर रही खतरा
हिजाब के प्रति यह नफरत संगठित तौर पर फैलाई जा रही है. जिसमें कट्टरपंथी हिंदुत्वादी ग्रुपों की तरफ से सभा करके, गाने बनाकर और AI की मदद से बुर्का पहनी महिलाओं का गलत तस्वीरें बनाकर. एक कट्टरपंथी हिंदुत्वादी महिला काजल हिंदुस्तानी बुर्के को लेकर लगातार नफतर फैला रही है. वह सभाओं में यह विवादित नारा लगाती है कि “तू दुर्गा बन, तू काली बन, कभी न बुर्के वाली बन”. इससे पहले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक सभा के दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर की नकाब खींचा था, जिससे देश भर में उनके खिलाफ मुस्लिम समाज ने भारी विरोध प्रदर्शन किया.

