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मालेगांव ब्लास्ट केस के पीड़ित पहुंचे बॉम्बे हाईकोर्ट.. प्रज्ञा ठाकुर समेत अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को दी चुनौती

निसार अहमद सैयद बिलाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की है. इस अपील पर बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रणजीतसिंह भोसले की बेंच 15 सितंबर को सुनवाई करेगी.

Malegaon Blast Case 2008 Update: मालेगांव बम ब्लास्ट के पीड़ितों ने विशेष अदालत के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है. बीते दिनों 31 जुलाई को महाराष्ट्र की विशेष NIA कोर्ट ने बीजेपी की पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Singh Thakur) और कर्नल पुरोहित समेत सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया है.

निसार अहमद सैयद बिलाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की है. इस अपील पर बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रणजीतसिंह भोसले की बेंच 15 सितंबर को सुनवाई करेगी.

वहीं मालेगांव बम ब्लास्ट के अन्य पीड़ितों शेख लियाकत मोहिउद्दीन, शेख इसहाक शेख यूसुफ, उस्मान खान ऐनुल्ला खान, मुश्ताक शाह हारून शाह और शेख इब्राहिम शेख सुपडो ने भी एडवोकेट अब्दुल मतीन शेख के माध्यम से इस अपील में शामिल होने का फैसला किया है.

कब हुआ था ब्लास्ट, कितने लोग मारे गए थे?

बता दें कि महाराष्ट्र का चर्चित मालेगांव ब्लास्ट 29 सितंबर 2008 को रमजान के महीने में हुआ था. मालेगांव में मस्जिद के सामने करीब 9:35 बजे जोरदार बम धमाका हुआ था. इस धमाके में 6 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए थे.

इस मामले में महाराष्ट्र की विशेष NIA कोर्ट ने 17 साल बाद फैसला सुनाते हुए बीजेपी की पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Singh Thakur) और कर्नल पुरोहित समेत सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया.

कोर्ट ने क्या कहा था?

NIA कोर्ट ने RDX लाने और इस्तेमाल करने के आरोपों पर कहा था कि कर्नल पुरोहित के घर में RDX के स्टोर का कोई सबूत मिला और न ही यह साबित हुआ कि उन्होंने बम को असेंबल किया. जज ने यह भी कहा कि घटनास्थल से कोई खाली खोल बरामद नहीं हुए, जबकि फायरिंग की बात कही गई थी. न ही कोई फिंगरप्रिंट या DNA सैंपल लिया गया. मोटरसाइकिल का चेसिस नंबर मिटा दिया गया था और इंजन नंबर को लेकर भी संदेह बना रहा.

कोर्ट ने आगे कहा था कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के वाहन की मालिकाना हक या कब्जे को लेकर कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया जा सका.

ब्लास्ट में इस्तेमाल मोटरसाइकिल प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर रजिस्टर्ड

बता दें कि मालेगांव ब्लास्ट मामले की जांच पहले महाराष्ट्र एटीएस ने की थी और बाद में इसे NIA को सौंप दिया गया. NIA की रिपोर्ट के मुताबिक 2008 मालेगांव ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर रजिस्टर्ड थी.

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