Nasir–Junaid murder case: हरियाणा में 2023 में हुए दो मुस्लिमों नासिर और जुनैद की हत्या का आरोपी हिंदूवादी नेता और गोरक्षक मोनू मानेसर (Monu Manesar) को राजस्थान हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम को भरतपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया. रिहा होने के बाद भीड़ ने माला पहनाकर और ढोल बजाकर उसका स्वागत किया. आईए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है..
हरियाणा के गुरुग्राम में गोरक्षक मोनू मानेसर के जमानत पर रिहा होने के बाद एक जुलूस निकाला गया. इस जुलूस में भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और जमकर पटाखे फोड़े गए.
मानेसर को बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर एस्कॉर्ट किया
बता दें कि शनिवार देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच मोनू मानेसर को जेल से रिहा किया गया. नासिर और जुनैद की हत्या के आरोपी को रिहाई के समय पुलिस ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर एस्कॉर्ट किया. इस दौरान हरियाणा से बड़ी संख्या में उनके समर्थक, गोसेवक काफिले के साथ जेल पहुंचे थे. रिहाई के दौरान खूब जश्न मनाया गया.
क्या था पूरा मामला?
राजस्थान के डीग जिले के घाटमिका निवासी 25 वर्षीय नासिर और 35 साल के जुनैद 15 फरवरी, 2023 को लापता हो गए थे. इसके एक दिन बाद हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू में उनकी जली हुई लाशें मिलीं. रिपोर्टों के मुताबिक, गौरक्षकों ने उन्हें मार डाला, क्योंकि उन्हें शक था कि वे गैर- कानूनी तरीके से मवेशी ले जा रहे थे. हालांकि, पुलिस के मुताबिक, जब गौरक्षकों को कोई मवेशी नहीं मिला, तो उन्होंने कथित तौर पर दोनों लोगों पर हमला किया और सबूत मिटाने की कोशिश में उन्हें आग लगा दी.
मृतकों के परिजनों ने गोरक्षक मोनू मानेसर सहित अन्य कई लोगों पर हत्या का आरोप लगाया और भरतपुर में FIR दर्ज करवाई गई. इसके बाद मई में राजस्थान पुलिस ने चार्जशीट बनाई, जिसमें मोनू मानेसर समेत 21 आरोपियों का नाम शामिल था.
मुकदमा दर्ज होने के लगभग चार महीने बाद मोनू मानेसर को सितंबर 2023 में हरियाणा पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में राजस्थान पुलिस को सौंप दिया. तब से वो भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल में बंद था.
राजस्थान हाईकोर्ट से मिली जमानत
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार उपमन की बेंच ने 5 मार्च को मोनू मानेसर को जमानत दे दी. कोर्ट ने यह देखते हुए जमानत दी कि वह दो साल से ज्यादा समय से जेल में था, और इस दौरान सरकारी वकील के 74 गवाहों में से किसी से भी पूछताछ नहीं हो पाई थी.
बता दें कि यह मामला गोपालगढ़ पुलिस स्टेशन में दर्ज है, जिसमें अपहरण, गंभीर चोट पहुंचाने के इरादे से अपहरण और गलत तरीके से बंधक बनाकर रखने जैसी भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएं लगाई गई हैं. इस मामले में मोनू मानेसर ने हाई कोर्ट में दूसरी बार जमानत याचिका दाखिल की थी.

