Odisha Communal Riots And Mob lynchings: ओडिशा में पिछले कुछ समय से लगातार सांप्रदायिक घटनाओं में वृद्धि देखने को मिल रही है. इसी बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार, 9 मार्च को पिछले लगभग दो सालों विधानसभा में सांप्रदायिक दंगों और मॉब लिंचिंग की घटनाओं की जानकारी दी.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य विधानसभा को बताया कि जून 2024 से अब तक ओडिशा में सांप्रदायिक दंगों की 54 घटनाएं और मॉब लिंचिंग के 7 मामले दर्ज किए गए हैं.
सबसे ज्यादा मामले इस जिले में आए
BJD विधायक गौतम बुद्ध दास के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि सांप्रदायिक दंगों के सबसे ज्यादा 24 मामले बालासोर जिले में दर्ज हुए हैं. इसके बाद खुर्दा जिले में 16 मामले सामने आए हैं, जिसमें राज्य की राजधानी भुवनेश्वर भी शामिल है.
मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि सरकार ने खुफिया जानकारी जुटाने की व्यवस्था को और मजबूत किया है, और जो लोग शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा का जिक्र नहीं
हालांकि, मुख्यमंत्री के इस जवाब में अक्टूबर 2025 में दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान कटक में हुई सांप्रदायिक हिंसा का कोई जिक्र नहीं किया गया. उस घटना के बाद शहर में तनाव फैल गया था और हालात को नियंत्रित करने के लिए करीब तीन दिन तक कर्फ्यू लगाया गया था.
बता दें कि इस हिंसा की शुरुआत विसर्जन जुलूस के दौरान विवाद हो जाने से हुई थी. बाद में विश्व हिंदू परिषद के कुछ सदस्यों की पुलिस से झड़प हो गई, जिसके बाद और भी ज्यादा स्थिति बिगड़ गई. कथित तौर पर इस दौरान तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी हुईं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, दंगों में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में करीब 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन अब तक आधे से भी कम मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई है.
सांप्रदायिक घटनाओं के बाद कर्फ्यू और इंटरनेट बंद
ओडिशा के कम से कम छह शहरों में पिछले 20 महीनों में सांप्रदायिक घटनाओं के बाद कर्फ्यू और इंटरनेट बंद करना पड़ा. इन घटनाओं में बंगाली बोलने वाले मुस्लिमों की मॉब लिंचिंग के मामले भी शामिल हैं. इनमें से कई मामलों में अधिकारियों ने बताया कि आरोपी दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े हुए थे.

