किसानों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक सरकार से हमारी लड़ाई जारी रहेगी- टिकैत

लखीमपुर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर के तिकुनिया में आज से एक साल पहले तीन अक्टूबर को हुई हिंसा में मारे गए किसानों की याद में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में कस्बा स्थित कौड़ियाला गुरुद्वारा में बरसी मनाई गई। इस दौरान मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

रॉयल बुलेटिन की एक रिपोर्ट के अनुसार, टिकैत ने कहा कि किसानों को न्याय नहीं मिल जाता है तब तक सरकार से हमारी लड़ाई जारी रहेगी। किसान नेता राकेश टिकैत ने तीन अक्टूबर की घटना को दुखद घटना और हादसा बताया, वहीं किसान नेता ने बताया कि हादसे में कुल आठ लोगों की हत्याएं हुई थीं। जिसमें से तीन लोग मंत्री से सबंधित लोग थे। किसानों से किए हुए वादों को लेकर वादा खिलाफी का आरोप लगाया।

केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी की भी मांग की और कहा जब तक किसानों को न्याय नहीं मिल जाता है तब तक सरकार से हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि शांति का सप्ताह चल रहा है। दो अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई गई है। इसमें तो क्रांति होनी चाहिए। सरकार देश के संविधान को नहीं मानती और सत्ता का दुरुपयोग करती है। किसानों के साथ अन्याय किया गया है।

राकेश टिकैत ने कहा कि जनता क्या कर सकती है। जनता तो सिर्फ आवाज उठा सकती है। पूरा सिस्टम दिल्ली से चल रहा है। अधिकारी भी कुछ नहीं कर सकते। उन्हें दिल्ली के रास्ते लखनऊ होते हुए जो आदेश मिलता उसका पालन होता है। एक साल पहले जो कुछ हुआ वह बहुत दुखद घटना थी।

राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों ने एक बार फिर से मंत्री टेनी को बर्खास्त करने, यूपी के बाहर केस का ट्रायल चलाने की मांग की। राकेश टिकैत ने कहा कि वह यहां पर शांति का संदेश लेकर आए हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी की मांग करते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और पीएम को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

संयुक्त किसान मर्चा ने आगे की रणनीति के बारे में बताते हुए कहा कि प्रदेश की राजधानी में 26 नवम्बर को किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से जेल में बंद किसानों के परिवार के लोगों को दो-दो लाख रुपये की चेक देने का एलान किया।

ज्ञात हो कि यूपी के लखीमपुर के तिकुनिया में तीन अक्टूबर 2021 को कृषि कानून के विरोध आयोजित आंदोलन के दौरान भीषण हिंसा हो गई थी। इसमें चार किसानों और एक पत्रकार समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र समेत 14 आरोपित जेल में बंद हैं।

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