नयी दिल्ली: पुस्तकों की पायरेसी की बढ़ती समस्या पर जागरूकता लाने के लिए पैंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने अपने अनेक लेखकों के सहयोग से एक अभियान शुरू किया है।
प्रकाशक ने डिजिटल पुस्तक पायरेसी की घटनाओं की जानकारी देने के लिए एक नया टूल पेश किया है जिसे लिंक-बस्टर्स जैसी पायरेसी रोधी सेवा प्रदाता कंपनी के साथ साझेदारी में विकसित किया गया है।
इस संबंध में एक बयान में कहा गया कि यह पहल किताबों की पायरेसी से लड़ने और बौद्धिक संपदा अधिकारों के सम्मान को बढ़ावा देने के पेंगुइन के प्रयासों का हिस्सा है।
At the forefront, piracy might seem like a small offense. But it is anything but small. Piracy affects all of us, especially the work of writers we love. #SayNoToBookPiracy & RT this thread to pledge support to this important cause. Join us here – https://t.co/YhuspXMTjg pic.twitter.com/TNNeSQcVJX
— Penguin India (@PenguinIndia) April 24, 2023
इसमें कहा गया कि सोशल मीडिया और प्रौद्योगिकी के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए इस अभियान से इस विषय पर जागरूकता पैदा होने की उम्मीद है।
यूनेस्को के 23 अप्रैल को मनाये जाने वाले विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस से पहले यह अभियान शुरू किया गया है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव श्रीनागेश ने कहा, ‘‘यह अभियान पाठकों को किसी लिखित रचना के प्रकाशन में किये जाने वाले प्रयासों की शुचिता के संरक्षण का रुख अपनाने को प्रोत्साहित करेगा।’’
(इनपुट पीटीआई-भाषा)

