Jaipur Express Targeted killings Case: जयपुर- मुंबई एक्सप्रेस में फायरिंग मामले में सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान घटना के समय मौके पर मौजूद मुस्लिम महिला यात्री ने कोर्ट में चौंकाने वाला बयान दिया है. इस हत्याकांड मामले में गवाह के तौर पर पेश हुई महिला ने बताया कि घटना के दौरान आरपीएफ कांस्टेबल चेतन सिंह चौधरी ने उसे बंदूक की नोक पर धमकाते हुए “जय माता दी” बोलने के लिए मजबूर किया.
बता दें कि एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात 33 वर्षीय कांस्टेबल चेतन सिंह चौधरी ने जयपुर- मुंबई एक्सप्रेस में चलती ट्रैन में अपनी ऑटोमैटिक सर्विस राइफल से कुल 12 गोलियां चलाई थीं, जिससे तीन मुस्लिमों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी.
‘इस देश में रहना है तो “जय माता दी” बोलो’
मुस्लिम महिला ने अदालत में बताया कि घटना के समय वह वॉशरूम जा रही थी, तभी उसने कांस्टेबल चेतन सिंह को बंदूक लिए खड़ा देखा. महिला ने आगे कहा कि चेतन सिंह ने उस पर बंदूक तान दी और कहा कि अगर इस देश में रहना है तो “जय माता दी” बोलो.
बुर्का पहने होने के कारण बनाया निशाना
महिला ने कहा कि उसने डर के मारे धीरे से कहा, लेकिन चेतन सिंह ने जोर से बोलने को कहा और धमकी दी कि अगर नहीं बोला तो गोली मार देगा. महिला ने यह भी आरोप लगाया कि चेतन सिंह ने उसे सिर्फ इसलिए टारगेट किया गया क्योंकि वह बुर्का पहने हुए थी.
क्या थी पूरी घटना ?
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के पूर्व कांस्टेबल चेतन सिंह चौधरी ने 31 जुलाई 2023 को जयपुर- मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सहायक सब इंस्पेक्टर टीकाराम मीणा, और तीन मुस्लिम यात्रियों अब्दुल कादर भाई भानपुरवाला, सदर मोहम्मद हुसैन और असगर अब्बास शेख की हत्या कर दी थी. चश्मदीदों के मुताबिक,चेतन सिंह पहले चार बोगियों में घुमा था और कथित तौर पर सभी लोगों को गोली मारने से उनका नाम पूछा था. इस आधार पर यह घटना एक धार्मिक नफरत के रूप में सामने आई.
इस जघन्य घटना के बाद चेतन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया और उस पर भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या, शस्त्र अधिनियम के तहत उल्लंघन, अपहरण और धार्मिक आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देने सहित कई अपराधों के आरोप लगाए गए. इसके बाद चेतन सिंह को रेलवे सुरक्षा बल से बर्खास्त कर दिया गया था.

