Russia Attack On Ukraine: यूक्रेन की राजधानी कीव पर आज यानी कि गुरुवार, 28 अगस्त को तड़के रूस ने बड़ा ड्रोन और मिसाइल हमला किया, जिसमें बच्चों समेत कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 48 लोग घायल हो गए. मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि कई लोग मलबे में अभी भी दबे हैं.
रूसी हमले से दहला पूरा शहर
गुरुवार तड़के कीव में हुए जोरदार धमाकों से पूरा शहर दहल उठा. रूसी हमलों में शहर के सात अलग-अलग इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचा है. इनमें यूक्रेन में यूरोपीय संघ मिशन का मुख्यालय और ब्रिटिश काउंसिल का ऑफिस भी शामिल है. हमले के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत कार्य शुरू कर दिया गया.
रूसी हमले में हुए घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. वहीं गंभीर हालातों को देखते हुए राजधानी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.
कीव शहर प्रशासन के प्रमुख तिमुर त्काचेंको ने बताया कि रूसी हमले में मरने वालों में तीन बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी उम्र 2, 14 और 17 साल थी.
जारी युद्ध का अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला
यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, रूस ने देशभर में कुल 598 ड्रोन (हमलावर और डमी दोनों) और 31 तरह-तरह की मिसाइलें दागीं, जिससे यह युद्ध का अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला बन गया.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
रूसी हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस बातचीत की मेज पर आने के बजाय बैलिस्टिक मिसाइलों को चुनता है. वह युद्ध खत्म करने के बजाय लोगों की जान लेना जारी रखता है. इसका मतलब है कि रूस को अब भी किसी सजा या नतीजे का डर नहीं है. रूस इस बात का फायदा उठा रहा है कि दुनिया का एक हिस्सा मारे गए बच्चों को नजरअंदाज कर रहा है और पुतिन के लिए बहाने ढूंढ रहा है.
Right now in Kyiv, first responders are clearing the rubble of an ordinary residential building after a Russian strike. Another massive attack against our cities and communities. Killings again. Tragically, at least 8 people have already been confirmed dead. One of them is a… pic.twitter.com/aukkujC9ji
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) August 28, 2025
यूक्रेन ने चीन से की ये मांग
वोलोडिमिर जेलेंस्की ने आगे कहा कि हम चीन से इस पूरी घटना पर प्रतिक्रिया की उम्मीद करते हैं. चीन ने बार-बार युद्ध को और न बढ़ाने और संघर्षविराम की अपील की है, लेकिन रूस की वजह से यह संभव नहीं हो पा रहा है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि हम हंगरी से भी प्रतिक्रिया की उम्मीद करते हैं. बच्चों की मौत ऐसा मुद्दा है, जो किसी भी और बात से कहीं ज्यादा भावनात्मक और गंभीर प्रतिक्रिया की मांग करता है. हम उन सभी देशों और नेताओं से जवाब की अपेक्षा करते हैं जिन्होंने शांति की बात की थी, लेकिन अब अक्सर चुप्पी साध लेते हैं और नैतिक रूप से स्पष्ट रुख नहीं अपनाते.