सपा ने मतगणना से पहले लगाया हेराफेरी का आरोप, आयोग की सफाई

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने से एक दिन पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय को कठघरे में खड़ा किया.

सपा ने अपने ट्विटर हैंडल से एक अधिकारी का कथित वीडियो अपलोड किया जिसमें वह यह कहते नजर आते हैं कि मंगलवार को ईवीएम ले जाने में जरूरी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया. हालांकि वह ईवीएम से छेड़छाड़ करने की किसी भी संभावना को सिरे से खारिज करते हुए भी नजर आते हैं.

सपा ने इसी ट्वीट में आगे कहा ‘कई जिलों में ईवीएम में हेराफेरी की जानकारी प्राप्त हो रही है. यह किसके इशारे पर हो रहा है? क्या अधिकारियों पर मुख्यमंत्री कार्यालय से दबाव बनाया जा रहा है? चुनाव आयोग कृपया स्पष्ट करे.’ गौरतलब है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को वाराणसी में ईवीएम ले जा रहे एक ट्रक को ‘पकड़े’ जाने का दावा करते हुए आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ भाजपा ‘मतों की चोरी’ की कोशिश कर रही है.

बाद में किए गए सिलसिलेवार ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘वाराणसी में ईवीएम पकड़े जाने का समाचार उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा को चौकन्ना रहने का संदेश दे रहा है. मतगणना में धांधली की कोशिश को नाकाम करने के लिए सपा गठबंधन के सभी प्रत्याशी और समर्थक अपने-अपने कैमरे के साथ तैयार रहें. युवा लोकतंत्र व भविष्य की रक्षा के लिए मतगणना में सिपाही बनें.’

अखिलेश ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘आज से, अभी से हर युवा, हर मतदाता अगले तीन दिन तक मतों की रक्षा के लिए मतगणना केंद्र की क़िलेबंदी कर दे और ढोल-मंजीरा लेकर आज़ादी के अफ़साने गाए. किसानों की तरह उनके लिए भी लोकतंत्र के लंगर लगेंगे व दुनिया देखेगी कि लोकतंत्र को कैसे बचाया जाता है. राजनीतिक बाहुबल के आगे जनबल झुकेगा नहीं.’

अखिलेश की इस हिदायत के बाद हस्तिनापुर में सपा प्रत्याशी का अपनी दोपहिया गाड़ी पर खड़े होकर दूरबीन से स्ट्रांग रूम की तरफ देखे जाने का एक वीडियो वायरल हुआ है.

सोशल मीडिया पर वाराणसी में कथित तौर पर ईवीएम मशीन मिलने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. बीजेपी छोड़ समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी एक वीडियो साझा किया है.

उन्होंने लिखा, ‘चोर चोरी से जाए, हेराफेरी से न जाए. योगी सरकार अभी भी ईवीएम मशीन की हेराफेरी कर जनादेश पर डकैती डालना चाहती है. अब समझ में आया कि सूपड़ा साफ होने के बाद भी भाजपा, सरकार बनाने का दम्भ क्यों भर रही है. ईवीएम मशीन से भरी डीसीएम का वीडियो शिवपुर विधानसभा, वाराणसी.’

इन आरोपों पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की तरफ से कहा गया है कि ‘कुछ मीडिया चैनलों द्वारा यह संज्ञान में लाया गया है कि वाराणसी में 8 मार्च को कुछ EVM गाड़ी में ले जायी जा रही थीं जिन पर वहां उपस्थित राजनीतिक प्रतिनिधियों द्वारा आपत्ति की गई. जांच में यह पाया गया है कि ये EVM प्रशिक्षण के लिए चिन्हित थीं.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी की तरफ से कहा गया कि प्रशिक्षण हेतु ले जायी जा रही इन EVM को कुछ राजनीतिक लोगों ने वाहन को रोक कर उसे चुनाव में प्रयुक्त EVM कह कर अफवाह फैलाई. मतदान में प्रयुक्त सभी EVM स्ट्रॉग रूम के अंदर सील बंद हैं और सुरक्षित हैं.’

वाराणसी के डीएम का कहना है कि मशीनें मतगणना कर्मियों की ट्रेनिंग के लिए थीं. चुनाव आयोग ने बयान जारी कर कहा है कि इन मशीनों का मतदान में इस्तेमाल नहीं किया गया है.

वहीं बीजेपी के केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि ‘अखिलेश यादव का दिमाग कैसे काम करता है, भगवान जानें. उन्होंने एग्जिट पोल देखे होंगे जिससे बौखला गए. हमें पहले ही पता था कि वे अंत में EVM पर ही आएंगे. ये निराशाजनक है. मुलायम सिंह यादव ने उन्हें कैसे CM बना दिया, अखिलेश सपा को खत्म करने का काम कर रहे हैं.’

EVM से छेड़छाड़ के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि ‘EVM विलाप मंडली का हार से पहले हाहाकार शुरू हो गया है. कभी इन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए, कभी अधिकारियों पर सवाल खड़े किए. उनको कभी इस बात का अहसास ही नहीं हुआ कि जनता उनके साथ क्या करने वाली है.’

उत्तर प्रदेश में सात चरणों में हुए विधानसभा चुनाव का अंतिम दौर गत सात मार्च को हुआ था. मतों की गिनती 10 मार्च को की जाएगी.

(भाषा से इनपुट के साथ)

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