Saudi Arabia On Gaza: सऊदी अरब और मिस्र ने गाजा पर इजराइल के हमले को तुरंत रोकने की मांग की है. दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वो सीजफायर के लिए दबाव बनाए और घिरे हुए गाजा इलाके में मानवीय सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित करे.
सऊदी अरब ने क्या कहा?
जेद्दा में इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) की इमरजेंसी मंत्री स्तरीय बैठक में सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह तुरंत उचित कदम उठाए ताकि इजराइल की अत्याचारों को रोका जा सके और गाजा में जरूरी मदद पहुंचाई जा सके.
इजराइल सुरक्षा और शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा
प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि गाजा के लोगों को सभी जरूरी मदद और सहारा देना बहुत जरूरी है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल की हरकतें इस क्षेत्र की सुरक्षा और शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई हैं.
सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाकों में इजराइली बस्तियों के विस्तार को भी खारिज किया और दो- राज्य समाधान को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय समर्थन का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनियों को अपना एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाने का पूरा हक है.
मिस्र ने क्या कहा?
वहीं, मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअट्टी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इजराइल पर दबाव बनाए ताकि वह अमेरिका समर्थित गाजा प्रस्ताव को माने, जिसे हमास ने मंजूरी दी है. इस प्रस्ताव में 60 दिनों का सीजफायर और मानवीय मदद को बिना रुकावट गाजा में पहुंचाने की बात शामिल है.
गाजा में हर दिन कम से कम 700 राहत ट्रकों की जरूरत
मिस्र के विदेश मंत्री अब्देलअट्टी ने OIC बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि इजराइल की पाबंदियों की वजह से 5,000 से ज्यादा राहत ट्रक मिस्र की सीमा पर फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि गाजा में रहने वाली 24 लाख की आबादी की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए हर दिन कम से कम 700 ट्रकों की जरूरत है.
मिस्र ने इजराइल पर लगाया गंभीर आरोप
मिस्र के विदेश मंत्री ने इजराइल पर फिलिस्तीनियों को जबरन हटाने के लिए भुखमरी और घेराबंदी जैसी रणनीति अपनाने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने “ग्रेटर इजराइल” जैसे बयानों को घमंडी और अस्वीकार्य बताया.