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‘Say No to Bad Touch’ – हमारी सदा ट्रस्ट द्वारा जागरूकता सत्र का आयोजन

कार्यक्रम की अध्यक्षता हमारी सदा ट्रस्ट के संस्थापक मोहम्मद इरशाद आलम ने की, जो लगातार बच्चों और युवाओं के जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं.

हमारी सदा ट्रस्ट ने बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “सुरक्षित बचपन: अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श” विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र का आयोजन 2 अगस्त 2025 को Rising Skill Development Centre में किया. यह सत्र बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा, शरीर की स्वायत्तता और अनुचित व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने के महत्व को समझाने हेतु आयोजित किया गया.

सत्र का संचालन श्रेया शाही (जामिया मिलिया इस्लामिया की स्नातकोत्तर छात्रा एवं युवा सामाजिक कार्यकर्ता) और मोहम्मद अल्फाज़ खान (प्रेरक वक्ता व समाजसेवी) ने किया, जो लंबे समय से युवाओं को शिक्षा और सामाजिक विषयों पर जागरूक करने के कार्यों से जुड़े रहे हैं.

सेशन की अध्यक्षता हमारी सदा ट्रस्ट के संस्थापक मोहम्मद इरशाद आलम ने की

कार्यक्रम की अध्यक्षता हमारी सदा ट्रस्ट के संस्थापक मोहम्मद इरशाद आलम ने की, जो लगातार बच्चों और युवाओं के जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं. उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की और बच्चों को सशक्त बनने का संदेश दिया.

गुड और बेड टच के बारे में बच्चों को किया गया जागरूक

श्रेया शाही ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “अगर कोई आपको असहज महसूस कराए, तो जोर से ‘NO’ कहो!” उन्होंने अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के बीच फर्क को सरल और उदाहरणों के माध्यम से समझाया. एक मां की प्यार भरी झप्पी या शिक्षक की प्रशंसा में पीठ थपथपाना अच्छे स्पर्श के उदाहरण हैं.

श्रेया ने आगे कहा कि डॉक्टर का स्पर्श तभी सही होता है जब वह इलाज के दौरान हो और किसी अभिभावक की उपस्थिति में किया जाए.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह विषय सिर्फ लड़कियों के लिए नहीं है, बल्कि लड़कों को भी इन बातों को समझना और पहचानना जरूरी है. उन्होंने बताया कि बुरा स्पर्श करने वाला व्यक्ति कोई परिचित जैसे कि रिश्तेदार, स्कूल वैन चालक या पड़ोसी भी हो सकता है.

श्रेया शाही ने ऐसी स्थिति में उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि जोर से ‘NO’ कहो, उस स्थान से हटो, किसी सुरक्षित स्थान पर जाओ और तुरंत अपने माता-पिता, दादी-दादा या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को बताओ.

साथ ही उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में जानकारी दी और बच्चों को किसी भी परेशानी की स्थिति में इस नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी.

सत्र के दौरान कक्षा 6 की छात्रा अयांशी ने मंच पर आकर आत्मविश्वास के साथ अपनी समझ साझा की और अन्य विद्यार्थियों को सतर्क और जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया.

अल्फाज़ खान ने बच्चों को दिया प्रेरणादायक मैसेज

वहीं मोहम्मद अल्फाज़ खान ने अपने प्रेरणादायक संदेश में कहा, “हमेशा अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो, गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाओ और एक सुरक्षित व सम्मानजनक समाज के निर्माण में भागीदारी निभाओ.”

टीम की सदस्य तरन्नुम ख़ुर्शीद ने विशेष रूप से बालिकाओं को संबोधित करते हुए उन्हें बहादुर बनने, अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने और किसी भी असहज स्थिति में बेझिझक विरोध करने के लिए प्रेरित किया.

यह सत्र बच्चों में आत्मविश्वास, समझ और आत्म-सुरक्षा की भावना जगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ — ताकि वे अपने अधिकारों को जान सकें और दूसरों की सीमाओं का सम्मान कर सकें.

कार्यक्रम के समापन पर छात्रों ने वक्ताओं का आभार व्यक्त किया. इसके बाद एक ग्रुप फोटो लिया गया और बच्चों में मिठाइयां वितरित की गईं. संस्थापक मोहम्मद इरशाद आलम ने सभी मेहमानों और प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा शिक्षा के प्रति ट्रस्ट की प्रतिबद्धता को दोहराया.

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