उत्तर प्रदेश चुनाव: सपा प्रत्याशी नादिरा सुल्तान को मिल रहा सभी समाज के लोगों का समर्थन

उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां चरम पर है. सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज की पटियाली विधानसभा सीट पर भी कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिल रहा है.

पटियाली विधासभा की जनता एक लम्बे समय से अपने प्रत्याशी का नाम घोषित होने का इंतज़ार कर रही थी. टिकट की दावेदारी करने वाले कार्यकर्ताओं की लम्बी लिस्ट थी, जिसमें किरण यादव, ज़ाहिदा सुल्तान, नादिरा सुल्तान, नाशी खान, वसीम प्रधान, शाहरुख़ राज मुख्य रूप से चुनावी रैलियां करते नज़र आये. अब चूँकि टिकट किसी एक को ही मिल सकता था, इस पर तमाम अटकलों के बाद पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस सीट पर नादिरा सुल्तान को प्रत्याशी घोषित किया है.

पार्टी कार्यालय की तरफ से नादिरा सुल्तान के नाम का ऐलान होते ही लोगों में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी. सच बात तो ये है कि ना सिर्फ पटियाली की जनता बल्कि पूरे प्रदेश की जनता साइकिल निशान देख कर वोट करने का मन बना चुकी है. तक़रीबन समाजवादी पार्टी से टिकट की दावेदारी करने वाले कार्यकर्ताओं ने एकजूट होकर अपना पूर्ण समर्थन नादिरा सुल्तान को दे दिया है. समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष कुंवर देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पार्टी पूरी दमखम के साथ उन्हें चुनाव लड़ाएगी.

नादिरा सुल्तान एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक़ रखती हैं. इनके पिता स्वर्गीय मुशीर अहमद खान 1968 और 1974 में कांग्रेस के एटा से सांसद रहे.

पटियाली विधानसभा एक मुस्लिम बाहुल्य सीट मानी जाती है. यहां की जनता ने हिन्दू-मुस्लिम के चश्मे को बहुत पहले उतार कर लाल टोपी पहन ली है. चारों तरफ समाजवाद के झंडे लहरा रहे हैं. नादिरा सुल्तान को सभी वर्ग के लोगों का प्यार और स्नेह मिल रहा है. इसी स्नेह को देखते हुए ये माना जा रहा है कि ये सीट समाजवादी पार्टी की झोली में जा रही है. जनता ने इस समर्थन को वोट के रूप में बदलकर नादिरा सुल्तान को विधानसभा भेजने के लिए कमर कस ली है.

10 मार्च को आएंगे यूपी चुनाव के नतीजे

बता दें कि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए सात चरणों में मतदान 10 फरवरी से शुरू होगा. यूपी में सात चरणों में 10, 14, 20, 23, 27 और 3 और 7 मार्च को वोट डाले जाएंगे. जबकि वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी. चुनाव आयोग ने कोरोना के मद्देनज़र यूपी, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों के लिए 31 जनवरी तक किसी भी राजनीतिक रैलियों और रोड शो की अनुमति नहीं दी है.

10 फरवरी को पहले चरण में पश्चिम यूपी के 11 जिलों की 58 सीटों पर, दूसरा चरण 14 फरवरी को 9 जिलों की 55 सीटों पर, 20 फरवरी को तीसरे चरण में 16 जिलों की 59 सीटों पर मतदान होगा। चौथे चरण में मतदान 23 फरवरी को लखनऊ सहित 9 जिलों की 60 सीटों पर होगा। पांचवे चरण में 27 फरवरी को 11 जिलों की 60 सीटों पर, छठे चरण में 3 मार्च को 10 जिलों की 57 सीटों पर और सातवें और अंतिम चरण का मतदान 7 मार्च को 9 जिलों की 54 सीटों पर किया जाएगा। 17वीं विधानसभा का कार्यकाल (UP Assembly 2022) 15 मई तक है.

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