इजराइल गाजा में लगातार जुल्म कर रहा है. इसके साथ ही इजराइल गाजा की हकीकत को दुनिया के सामने वाले पत्रकारों को भी निशाना बना रहा है. बीते दिनों इजराइल ने गाजा के अल-शिफा अस्पताल के बाहर एक पत्रकार टेंट को निशाना बनाते हुए पांच पत्रकारों को मार डाला. पत्रकारों पर हो रहे हमले के खिलाफ दुनिया भर के पत्रकार विरोध जा रहे हैं. इसी बीच स्वीडिश पत्रकार संघ (Swedish Union of Journalists) ने स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में प्रदर्शन किया.
स्वीडिश पत्रकार संघ ने स्टॉकहोम में प्रदर्शन करते हुए फिलिस्तीनी पत्रकारों के साथ एकजुटता दिखाई. पत्रकार संघ ने यह विरोध प्रदर्शन तब किया, जब इजराइन ने हाल ही में निशाना बनाते हुए कई फिलिस्तीनी पत्रकारों को मार डाला.
‘हमारे साथियों की हत्या बंद करो’
इसके साथ ही स्वीडिश पत्रकार संघ ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि फिलिस्तीनी पत्रकारों पर हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए. हमारा संदेश साफ है हमारे साथियों की हत्या बंद करो.
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक करीब 270 फिलिस्तीनी पत्रकार और मीडिया कर्मियों की मौत हो चुकी है.
इजराइल ने पत्रकार टेंट को बनाया निशाना
इजराइल ने बीते 10 अगस्त को एक पत्रकार टेंट को निशाना बनाते हुए अलजजीरा के पांच पत्रकारों को मार डाला. इस घटना के बाद अल जजीरा ने कड़ी निंदा की. मीडिया संस्थान ने इसे गाजा पर कब्जे और वहां हो रहे जुल्म को उजागर करने वाली आवाजों को चुप कराने का एक प्रयास बताया था.
इजराइली हमलों में इतने फिलिस्तीनी मारे गए
इजराइल पिछले लगभग 22 महीनों से गाजा पट्टी में घुसकर हमले कर रहा है. इस हमले हर दिन मासूम फिलिस्तीनी मारे जा रहे हैं. वहीं इसके साथ ही अब भूखमरी के कारण भी फिलिस्तीनी मारे जा रहे हैं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइल द्वारा गाजा में लगातार किए जा रहे हमलों से कम से कम 61,722 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जबकि 1,54,525 लोग घायल हुए हैं. इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चें शामिल हैं.

