Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 2 सितंबर को कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को अग्रिम जमानत दे दी. उन पर सोशल मीडिया पर पीएम नरेंद्र मोदी और RSS कार्यकर्ताओं के बारे में कथित रूप से आपत्तिजनक कार्टून शेयर करने का आरोप है.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार और एन.वी. अंजारिया की बेंच ने कहा कि मालवीय ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर माफी मांग ली है, इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जा रही है. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर वह जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो पुलिस उनकी जमानत रद्द कराने के लिए याचिका दाखिल कर सकती है.
हेमंत मालवीय ने क्या कहा?
हेमंत मालवीय की वकील वृंदा ग्रोवर ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर माफी मांग ली है और अभी तक उन्हें समन नहीं भेजा गया है.
इस पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने कहा कि जब तक सभी सबूत इकट्ठे नहीं हो जाते, तब तक समन नहीं भेजा जाएगा.
क्या है पूरा मामला ?
बता दें कि हेमंत मालवीय के खिलाफ मई में इंदौर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी. यह शिकायत वकील और RSS कार्यकर्ता विनय जोशी द्वारा करवाई गई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि मालवीय ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कार्टून शेयर कर हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत की हैं और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ा है.
हालांकि इसके बाद 15 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच ने मालवीय को जबरदस्ती की कार्रवाई से अंतरिम राहत दी थी. अब मंगलवार को कोर्ट ने इस आदेश को स्थायई कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने पहले हेमंत मालवीय द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे का संज्ञान लिया था, जिसमें उन्होंने अफसोस जताया था और दिल से माफी मांगी थी. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने उम्मीद जताई कि यह माफी सिर्फ “कलम से नहीं, बल्कि दिल से भी दी गई है.

