प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने पत्रकारों पर हमले की कड़ी निंदा की, दोषियों को गिरफ्तार करने और सजा देने की मांग

नई दिल्लीः उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में बीते तीन अप्रैल को हिंदू महापंचायत का आयोजन किया गया था, जहां कार्यक्रम को कवर करने गए पांच पत्रकारों के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के साथ एक बार फिर मुस्लिमों के खिलाफ नफरती भाषण दिए जाने का मामला सामने आया.

पत्रकारों के साथ कथित तौर पर मारपीट करने पर आज दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की तरफ से एक प्रेस रिलीज़ जारी किया गया है जिसमें पत्रकारों पर हमले की कड़ी निंदा की गई है.

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में मीडिया कर्मियों पर हुए हमलों की श्रृंखला को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि ये लोग प्रेस को पूरी तरह से बंद करने पर तुले हुए हैं.

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने आगे कहा कि दिल्ली पुलिस इस दौरान मूकदर्शक बनी रही और बुराड़ी में पत्रकारों पर हमले में शामिल दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया, यह बहुत ही दुखद है.

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया का प्रेस रिलीज़

इसके अलावा, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने मांग की है कि सांप्रदायिक रंग के इन गुंडों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और मीडिया कर्मियों पर बर्बर हमले की घटनाओं के क्रम का पता लगाने के लिए न्यायिक जांच शुरू की जाए.

पत्रकार जिनको निशाना बनाया गया

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने बलिया में पत्रकारों की गिरफ़्तारी की भी निंदा की और कहा कि बलिया जिला प्रशासन की ओर से उन पत्रकारों को मनमाने ढंग से गिरफ्तार करना अत्यधिक निंदनीय है, जिन्होंने 12वीं की परीक्षा के अंग्रेजी के पेपर के लीक होने का खुलासा किया था.

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा है कि हाल ही में, यह देखा गया है कि यूपी सरकार उन मीडिया कर्मियों को धमकाने और वास्तव में गिरफ्तार करने के लिए क़ानून का पालन नहीं करती है जो नीतिगत उपायों के मुद्दों पर सरकार की सोच का पालन नहीं करते हैं.

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया विशेष रूप से यूपी सरकार और सामान्य रूप से बलिया प्रशासन से मांग करता है कि गिरफ्तार पत्रकारों को तुरंत रिहा किया जाए और प्रश्न पत्र लीक में शामिल माफियाओं को गिरफ्तार किया जाए.

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