रूस-यूक्रेन की जंग का तीसरा दिन: यूक्रेन की राजधानी पर हमला, दहल उठा कीव

रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला शुरू कर दिया है जिसके बाद सरकारी इमारतों के निकट गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें गूंज रही हैं. रूस की इस कार्रवाई से यूरोप में व्यापक युद्ध की आशंका पैदा हो गई है. वहीं उसे रोकने के लिए दुनियाभर में प्रयास भी शुरू हो गए हैं. युद्ध से सैकड़ों लोगों के हताहत होने की सूचनाओं के बीच कीव में इमारतों, पुलों और स्कूलों के सामने भी गोलीबारी और विस्फोटों की घटनाएं हुई हैं. इससे इस बात के भी संकेत बढ़ रहे हैं कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन की मौजूदा सरकार को उखाड़ फेंकने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी ताकतों से अनुरोध किया है कि वे रूस की अर्थव्यवस्था को चौपट करने के लिए जल्दी काम करें और यूक्रेन की सैन्य मदद करें.

दुनिया के नक्शे में बदलाव करने और रूस के शीतयुद्ध कालीन प्रभाव को बहाल करने के लिए यह पुतिन का अभी तक का सबसे बड़ा कदम है. हालांकि इस युद्ध में अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यूक्रेन का कितना हिस्सा अब भी उसके कब्जे में है और कितने हिस्से पर रूस का नियंत्रण हो गया है. इस बीच क्रेमलिन ने बातचीत करने की कीव की पेशकश स्वीकार कर ली है. लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि यह युद्ध से जूझ रहे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के प्रति नरमी दिखाते हुए किया जा रहा है, ना की मामले का कूटनीतिक हल निकालने के लिए.

यूक्रेन की सरकार की तरफ से कहा गया है कि एक मिसाइल ने रिहायशी बिल्डिंग को निशाना बनाया है.

यूक्रेन के विदेश मंत्री ने एक ट्वीट कर कहा है, ‘हमारा शानदार, शांतिपूर्ण शहर कीव, रूसी जमीनी बलों और मिसाइलों के हमलों के तहत एक और रात बच गया. हालांकि, एक मिसाइल से कीव में एक आवासीय अपार्टमेंट को निशाना बनाया गया है. मैं दुनिया से मांग करता हूं कि रूस को पूरी तरह से अलग किया जाय, उनके राजदूतों को निष्कासित किया जाय, तेल प्रतिबंध लगाया जाय और इसकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद किया जाय. रूसी युद्ध अपराधियों को रोका जाय!’

रूसी सेना ने कहा कि उसने कीव के बाहर एक रणनीतिक हवाई अड्डे और पश्चिम में एक शहर पर नियंत्रण कर लिया है. यूक्रेनी अधिकारियों ने यूक्रेन की ओर कम से कम 137 लोगों की मौत की सूचना दी और सैकड़ों रूसी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया. रूसी अधिकारियों ने हताहतों का कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है. फिलहाल मृतकों की संख्या को सत्यापित करना संभव नहीं हो सका है. वहीं संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा कि 25 नागरिकों की मौत हुई है जिनमें से ज्यादातर की मौत गोलाबारी और हवाई हमलों में हुई है. उन्होंने कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि एक लाख लोगों ने अपने घर छोड़े हैं. आशंका है कि युद्ध बढ़ने पर यह संख्या 40 लाख तक पहुंच सकती है.

वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी ताकतों से अनुरोध किया है कि वे रूस की अर्थव्यवस्था को चौपट करने के लिए जल्दी काम करें और यूक्रेन की सैन्य मदद करें. बृहस्पतिवार की रात यूरोपीय नेताओं से फोन पर बातचीत में उन्होंने अपना ठिकाना गुप्त रखा और कहा कि फिलहाल वह रूस के निशाने पर हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि कीव की संभवत: घेराबंदी कर ली गई है. अमेरिकी अधिकारियों का मानना ​​है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन पर अपनी पसंद की सरकार थोपना चाहते हैं.

वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की. फोटो : ट्विटर

इस बीच वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने वैश्विक नेताओं से पूर्व में लगाए गए प्रतिबंधों की तुलना में रूस के खिलाफ अधिक कठोर पाबंदी लगाने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा, यदि आप अभी हमारी मदद नहीं करते हैं और यदि आप यूक्रेन को मजबूत सहायता प्रदान करने में नाकाम रहते हैं तो कल युद्ध आपके दरवाजे पर दस्तक देगा. जेलेंस्की ने रूस की सरकार से बातचीत करने का अनुरोध किया है और पश्चिमी शक्तियों से यूक्रेन को सैन्य सहायता प्रदान करने के लिए तेजी से काम करने को कहा है.

जेलेंस्की ने कहा, देश का भविष्य पूरी तरह से हमारी सेना, सुरक्षा बलों, हमारे सभी रक्षकों पर निर्भर करता है. उन्होंने यह भी कहा कि देश ने मास्को से सुना है कि वे यूक्रेन की तटस्थ स्थिति के बारे में बात करना चाहते हैं. जेलेंस्की ने रूस की मांग का संदर्भ दिया कि यूक्रेन नाटो गठबंधन में शामिल होने का इरादा त्याग दे. कीव पर रूसी हमले के डर से रात होते ही हजारों लोग भूमिगत बंकरों, मेट्रो स्टेशनों के भीतर चले गए.

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि बहुत देर हो चुकी है, और जेलेंस्की को पहले बातचीत के लिए सहमत होना चाहिए था. लावरोव ने यह भी कहा कि रूस के सैन्य अभियान का उद्देश्य यूक्रेन का विसैन्यीकरण और नाजी विचारधारा से मुक्त कराना है और कोई भी उस पर कब्जा नहीं करने वाला है. वहीं पुतिन ने तर्क दिया कि रूस की सुरक्षा मांगों पर बातचीत करने से इनकार करके पश्चिम ने उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं छोड़ा था.

राष्ट्रपति पुतिन ने बृहस्पतिवार सुबह टेलीविजन पर संबोधन में घोषणा की कि डोनबास रिपब्लिक के प्रमुख के अनुरोध के जवाब में, उन्होंने उन लोगों की रक्षा के लिए एक विशेष सैन्य अभियान चलाने का निर्णय लिया है जो आठ साल से यूक्रेन के शासन के दुर्व्यवहार और नरसंहार से पीड़ित हैं. पुतिन ने कहा कि रूसी सैन्य अभियान का उद्देश्य यूक्रेन का विसैन्यीकरण सुनिश्चित करना है. पुतिन ने यूक्रेन के सैनिकों से तुरंत हथियार डालने और घर लौटने का भी आग्रह किया.

रूसी सैन्य बलों के उत्तर से कीव की तरफ कूच करने की खबरों के बीच यूक्रेन की सेना कीव के उत्तर-पश्चिम में 60 किलोमीटर दूर दुश्मन फौज से भीषण लड़ाई लड़ रही है. रूसी सैनिक सीमा के पास स्थित सूमी शहर में भी दाखिल हो चुके हैं. यहां से एक राजमार्ग राजधानी कीव की ओर जाता है. यूक्रेन में गृह मंत्रालय के सलाहकार एंतोन गेराशेंको ने टेलीग्राम पर कहा, आज का दिन बहुत भारी गुजरेगा. दुश्मन की योजना टैंक के जरिये इवांकीव और चेर्निहाइव के रास्ते कीव में दाखिल होने की है.

राष्ट्रपति जेलेंस्की के सलाहकार मायहेलो पोडोलीक ने बताया कि आक्रमण शुरू होने के कुछ घंटों बाद, रूसी सेना ने चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र और उसके आस-पास के क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित कर लिया. वियना स्थित अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि उसे यूक्रेन द्वारा कब्जे के बारे में बताया गया था. साथ ही कि औद्योगिक स्थल पर कोई हताहत या तबाही नहीं हुई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने नए प्रतिबंधों की घोषणा की है जो रूसी बैंकों, अमीर लोगों, सरकारी नियंत्रण वाली कंपनियों और उच्च-तकनीकी क्षेत्रों को लक्षित करेंगे. उन्होंने कहा, पुतिन ने इस युद्ध को चुना है. बाइडन ने यह भी कहा कि ऐसे उपाय किए गए हैं कि वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित नहीं हो. रूसी तेल और प्राकृतिक गैस निर्यात यूरोप के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत हैं. बाइडन ने कहा कि अगर पुतिन नाटो देशों में घुसेंगे, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा. उन्होंने कहा कि अगर उनके रूसी समकक्ष को अभी नहीं रोका गया, तो उनका हौसला बढ़ेगा. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा है कि उन्होंने ब्रिटेन के वित्तीय बाजारों से रूस को दूर करने का लक्ष्य रखा है. सभी बड़े रूसी बैंकों की संपत्ति पर रोक लगाने और रूसी कंपनियों तथा क्रेमलिन को ब्रिटिश बाजारों से धन जुटाने से रोकने की योजना प्रस्तुत की गई है.

(ईटीवी भारत से इनपुट के साथ)

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